मंत्रालय का राष्ट्रीय करिअर सेवा (एनसीएस) पोर्टल नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों को जोड़ने वाले डिजिटल बाजार के रूप में कार्य करता है, जो बाजार में नौकरी की मांग और आपूर्ति को प्रभावी ढंग से संरेखित करता है।
कोरोना महामारी के दौरान पहली बार घर से काम करने के कल्चर से लोग रूबरू हुए। उसी तर्ज अब केंद्र सरकार ‘अपने गृह नगर में नौकरी’ के नए विचार पर काम कर रही है। अगर यह पहल सफल रही तो पहली बार नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अब अपने मूल स्थान को छोड़कर दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एक ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें नौकरी चाहने वालों को स्थान, क्षेत्र, नियोक्ता, वेतनमान, आवश्यक कौशल और अन्य विशेषताओं के आधार पर नौकरियों को फिल्टर करने के विकल्प मिलेंगे। मंत्रालय पीएम गति शक्ति पोर्टल पर नौकरी के आंकड़ों की मैपिंग कर रहा है।
मंत्रालय का राष्ट्रीय करिअर सेवा (एनसीएस) पोर्टल नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों को जोड़ने वाले डिजिटल बाजार के रूप में कार्य करता है, जो बाजार में नौकरी की मांग और आपूर्ति को प्रभावी ढंग से संरेखित करता है। मंत्रालय एनसीएस जॉब डाटा को पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। जम्मू-कश्मीर और गुजरात ने पहले ही इस दिशा में प्रगति कर ली है।
41 लाख नियोक्ता इस प्लेटफॉर्म से जुड़े
करीब 41 लाख नियोक्ता इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। जबकि, एक करोड़ से अधिक संभावित नौकरी चाहने वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
40 किलोमीटर के दायर में नौकरी
पीएम गति शक्ति को एनसीएस पोर्टल के साथ एकीकृत करके रोजगार अवसरों को जियो-टैग किया जा सकता है। एक समर्पित मोबाइल एप युवाओं को 20-40 किलोमीटर के दायरे में आसपास के रोजगार के अवसरों की खोज करने में सक्षम बनाएगा।
सीमित कौशल वालों को मिलेगा लाभ
यह विशेष रूप से नौकरी चाहने वालों, सीमित कौशल वाले लोगों को लाभान्वित करेगा, जो अब तक अत्यधिक रोजगार योग्य नहीं हैं, जिससे उन्हें अपने समुदायों में रहते हुए कमाई करने का अवसर मिलेगा।