आपात गारंटी कर्ज योजना की दूसरी किस्त का लाभ होटल, विमानन और टूर पैकेज वाली कंपनियों को भी मिलेगा। सरकार ने महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले इन क्षेत्रों को भी योजना में शामिल करते हुए आवेदन की अवधि भी सितंबर, 2021 तक बढ़ा दी है।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को बताया कि एमएसएमई को राहत देने के लिए सरकार ने पिछले साल 3 लाख करोड़ की आपात गारंटी कर्ज योजना शुरू की थी। पहले इसमें आवेदन की अवधि 31 मार्च थी, लेकिन पूरी राशि का आवंटन नहीं होने और दूसरी लहर से छोटे उद्यमों पर दोबारा दबाव बढ़ने की वजह से योजना का विस्तार कर दिया गया।
क्रिसिल ने कहा, पहली किस्त में 2.54 लाख करोड़ के कर्ज बांटे गए और शेष राशि का वितरण दूसरी किस्त में किया जा सकता है। जून तिमाही में होटल और पर्यटन क्षेत्र में 30 फीसदी गिरावट का अनुमान है, जबकि मई में हवाई यात्रियों की संख्या छह महीने के निचले स्तर पर चली गई है।
उद्योगों को वेतन समर्थन और ब्याज सब्सिडी दे सरकार : एसोचैम
उद्योग मंडल एसोचैम ने बुधवार को कहा कि सरकार को महामारी का प्रकोप झेल रहे लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नियामकीय छूट, वेतन समर्थन और 31 मार्च 2020 तक ब्याज पर सब्सिडी जैसी राहत देने पर विचार करना चाहिए।
राज्य लॉकडाउन में ढील दे रहे हैं। ऐसे में उद्योगों को चौतरफा मदद की जरूरत होगी। एसोचैम ने सुझाव दिया कि ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) के अधिशेष धन का इस्तेमाल कर्मचारियों के लिए वेतन सहायता उपायों और प्रोत्साहन पैकेज देने पर होना चाहिए।
साथ ही कहा कि यह वित्तीय मानकों पर ज्यादा ध्यान दिए बिना समर्थन और खर्च बढ़ाने का समय है। हमें यकीन है कि आरबीआई और सरकार राजकोषीय दबावों के बावजूद सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रही हैं। उद्योग मंडल ने हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र राहत देने के लिए रेस्टोरेंट्स को जीएसटी इनपुट क्रेडिट की अनुमति देने के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए स्टांप शुल्क और संपत्ति कर को कम-से-कम तीन साल तक आधा करने की सिफारिश भी की है।