सुरक्षा कारणों के चलते इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी और सुरक्षा एजेंसियों ने जरूरत पड़ने पर व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन ब्लॉक करने की मांग की है। इस पर दूरसंचार मंत्रालय ने विभिन्न एप्लीकेशन को ब्लॉक करने को लेकर टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं समेत अन्य की राय मांगी है।
दूरसंचार मंत्रालय ने सेवा प्रदाता कंपनियों को एप्लीकेशन ब्लॉक करने के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं। दूरसंचार विभाग ने 18 जुलाई को पत्र लिखकर निजी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सेदारों से इस मुद्दे पर राय मांगी थी।
आईटी अधिनियम की धारा 63 के तहत अभी ऑनलाइन एप्लीकेशन ब्लॉक करने का आदेश साइबर सुरक्षा पर बनी अधिकारियों की समिति और अदालत ही दे सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां को सीधे तौर पर ब्लॉक करने का अधिकार नहीं है। लिहाजा राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे हालात में उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ऐसे में कई बार प्रक्रिया पूरी करने में समय लग जाता है।
इसके मद्देनजर दूरसंचार मंत्रालय ने टेलीकॉम कंपनियों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं समेत अन्य से व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे मोबाइल एप्लीकेशन ब्लॉक करने पर राय मांगी है। इससे पहले आईटी मंत्रालय मॉब लिंचिंग के मामलों में व्हाट्सऐप को दो नोटिस भेज चुका है और उसे विभिन्न स्तरों पर फर्जी संदेशों के बड़े पैमाने पर प्रसारित करने पर रोक लगाने को कह चुका है।