एंटीगुआ के अखबार डेली आबजर्वर ने इस बात का जिक्र किया है कि मई 2017 में एंटीगुआ में नागरिकता के लिए चोकसी के आवेदन के साथ स्थानीय पुलिस का क्लीयरेंस भी था, जिसकी नियमों के मुताबिक जरूरत होती है।
इसने इस बात का जिक्र किया है कि मुंबई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकट (पीसीसी) में कहा गया था कि चोकसी के खिलाफ कोई प्रतिकूल सूचना नहीं है जो उन्हें एंटीगुआ और बारबूडा के लिए वीजा सहित यात्रा सुविधाएं प्रदान करने से अयोग्य ठहरा सके।
चोकसी को दी गई पीसीसी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह चोकसी के पासपोर्ट पर उस वक्त उपलब्ध एक स्पष्ट पुलिस सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर दिया गया था। इस बीच, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि एंटीगुआ के ‘निवेश के बदले नागरिकता प्राधिकरण’ को भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के बारे में कभी भी क्लीन चिट रिपोर्ट नहीं दी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि सेबी चोकसी को नागरिकता देने को लेकर इस मामले में एंटीगुआ को नोटिस भेजने पर विचार कर रहा है। वहीं, भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा ने केंद्र से कैरिबियाई देश के उस दावे का जवाब देने को कहा कि भारतीय अधिकारियों ने चोकसी को नागरिकता प्रदान देने के लेकर कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं दी थी।
राजा ने कहा, ‘‘यह सब मोदी सरकार की नाक के नीचे हो रहा था। चोकसी के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? उसने देश को लूटा, लोगों का धन लूटा और फरार हो गया। उसने दूसरे देश की नागरिकता ले ली। सरकारी एजेंसियों को इन सबके बारे में पता था। सरकार जवाब दे।’’