कोविड टीकाकरण में बीते दो दिनों में सरकार ने अहम बदलाव किए हैं। जिससे टीकाकरण की प्रक्रिया आसान और अधिक प्रभावी होगी। टीकाकरण की उम्र घटा कर 45 साल से अधिक कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत 31 दिसंबर 1976 के पहले जन्म लेने वाले सभी लोग अब बिना मेडिकल प्रमाणपत्र दिखाएं वैक्सीन ले पाएगें। टीकाकरण की नई व्यवस्था के तहत आपको कुछ अहम बातें ध्यान रखनी हैं।
कोविशील्ड की दूसरी डोज का समय अंतराल बढ़ाने के साथ ही अब दूसरी डोज का समय आपके अनुसार चयन करने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए कोविन पोर्टल अब आपको स्वतः तारीख नहीं देगा। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुतााबिक कम से कम चार हफ्ते और अधिक से अधिक आठ हफ्ते के बीच आप कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज अवश्य लगवा लें। यदि आठ हफ्ते बाद भी आप दूसरी डोज नहीं लगवाते हैं, तो पहली डोज पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित नहीं कर पाएगी और संक्रमण का जोखिम बना रहेगा।
टीकाकरण का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन देनी शुरू कर दी है। एक अप्रैल से 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोग कोविन पर पंजीकरण करा सकेंगे, इसके लिए किसी भी तरह की बीमारी का प्रमाणपत्र नहीं दिखाना होगा। 45 साल की आयु पात्रता 31 दिसंबर 1976 से पहले जन्मे लोगों के लिए मानी जाएगी। व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के लिए कोमोरबिड श्रेणी को हटा दिया गया है। कोविन पोर्टल में बदलाव करते हुए अब यह सिस्टम एक अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का पंजीकरण स्वीकार कर सकेगा।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगे, सरकार की यही योजना है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश में वैक्सीन का पर्याप्त भंडार है। इसलिए किसी को भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है।
वैक्सीनेशन केन्द्र पर अपने टीकाकरण की हार्ड और साफ्ट प्रति जरूर लें, पहले डोज के बाद भी क्यूआर आधारित प्रमाणपत्र दिया जाता है और दूसरी डोज के बाद भी। इसके लिए आपको अस्पताल या क्लीनिक को प्रमाणपत्र की फोटो कॉपी के अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा निर्धारित 250 रुपये में सौ रुपये सुविधा शुल्क रखा गया है, जिसमें फोटो कॉपी का शुल्क भी शामिल है।