वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने देश की तीनों सेनाओं को अगले तीन महीने तक आपात स्थिति में जरूरी हथियारों की खरीद की अनुमति को अगले तीन महीने तक के लिए बढ़ा दिया है।
सरकार ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना को अगले तीन महीने तक अपनी जंगी तैयारी को पुख्ता करने के लिए जरूरी हथियार खरीदने की अनुमति दी है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, लद्दाख क्षेत्र में चीन की उकसावे की हरकत के बाद तीनों ही सैन्य बल तीन महीने तक नई हथियार प्रणाली खरीद सकते हैं या उसे लीज पर ले सकते हैं, ताकि सेना के तीनों ही बलों को किसी भी तरह की आपात स्थिति में मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़े।
उल्लेखनीय है कि सेना के तीनों ही बलों ने पहले ही एकसाथ 14,604 करोड़ रुपये के अधिग्रहण को अंतिम रूप दिया है। इसके साथ ही युद्ध कि स्थिति में सेना के 15 दिन तक के हथियार और गोला-बारूद का भंडार बनाए रखने पर भी केंद्र सरकार राजी हो गई थी। आम दिनों में यह भंडार 10 दिन तक के लिए रखा जाता है, मगर अब सरकार ने इस अवधि को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया है।
सेना को मिले मोबाइल ब्रिज, तेजी से बन सकेंगे पुल
वहीं भारतीय सेना को पहली बार 10 मीटर के शाॅर्ट स्पान ब्रिज के तीन सेट मिल गए हैं। इनके जरिये किसी भी सैन्य अभियान के दौरान जवान तेजी से कहीं भी छोटे पुल बनाकर मौके पर साजो-सामान के साथ पहुंच सकेंगे। इनका निर्माण रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने किया है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार इन चलित मोबाइल पुल सिस्टम से तराई वाले दुर्गम इलाकों में 10 मीटर लंबे पुल बनाए जा सकेंगे। इन पुलों से सेना के वाहनों व जवान किसी भी नदी-नाले को आसानी से पार कर सकेंगे। इनके जरिये जटिल सैन्य अभियानों के दौरान सेना को मोर्चे पर पहुंचने में देर नहीं लगेगी।