सरकारी विभाग अपने यहां भ्रष्टाचार से जुड़ी अधिकतर शिकायतों की समय पर जांच नहीं करते हैं। यह टिप्पणी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने बृहस्पतिवार को सभी मुख्य सतर्कता आयुक्तों (सीवीओ) को भेजे आदेश में इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए की। आयोग ने कहा कि उसने सभी विभागों को ऐसी शिकायतों की स्थिति अपने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर तय समयसीमा के अंदर अपडेट करना चाहिए।
सीवीसी ने आदेश में अपनी शिकायत से निपटने की नीति और सतर्कता मैनुअल का हवाला देते हुए कहा, कोई शिकायतों को कंप्लेंट मॉनीटरिंग सिस्टम (सीएमएस) के जरिये सीवीओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। हालांकि किसी भी सीवीओ को इसका जवाब देना आवश्यक नहीं होता, लेकिन उन्हें आयोग से शिकायत मिलने के एक माह के अंदर किसी भी शिकायत का परीक्षण करते हुए उस पर निर्णय लेकर निस्तारण कर देना चाहिए। सीवीसी ने कहा, शिकायत का निस्तारण विभिन्न सतर्कता गतिविधियों के लिए तय समय सीमा के हिसाब से ही किया जाना चाहिए। यदि किसी शिकायत को कोई सीवीओ जांच पड़ताल के लायक समझता है तो भी उसे 12 सप्ताह के अंदर जांच पूरी करते हुए रिपोर्ट जमा करा देनी चाहिए।