पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद से जब सोमवार को शस्त्र न चलने के बारे में जांच-पड़ताल के बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने उल्टे सवाल किया, जांच किस बात की होगी? शस्त्र स्टैग होना कोई बड़ी बात नहीं है। कभी-कभी ऐसा होता है। बड़ी बात तो यह है कि दरोगा ने पिस्टल के स्टैग होने के बाद भी बदमाशों से मोर्चा लिया। वह पीछे नहीं हटे और मारो-मारो, पकड़ो पकड़ो, ठांय-ठांय के डॉयलॉग बोलते हुए घेराबंदी जिसमें एक बदमाश पकड़ा गया है। एक भाग गया है। ऐसे साहसी दरोगा को पुलिस प्रशस्ति पत्र देगी।
मुठभेड़ में पकड़ा गया था रुक्साद
संभल। पुलिस ने मुठभेड़ में शुक्रवार को रात कुंदरकी थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी रुक्साद उर्फ भतीजा को गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने उसे जेल में दाखिल करा दिया है। रुक्साद से पूछताछ में एक बदमाश के भागे होने की जानकारी मिली थी, उसका नाम कलुआ है। पुलिस अब कलुआ के बारे में छानबीन कर रही है।
संभल पुलिस की ठांय-ठांय अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यू-ट्यूब पर वीडियो आने के बाद लोग इसे देख रहे हैं। वीडियो देखने के बाद लोग अपने तरीके से कमेंट कर रहे हैं। वहीं दिन भर यह चर्चा भी चलती रही कि अब पुलिस वालों पर कार्रवाई होगी या नहीं?
देर शाम एसपी ने इस पर अपनी बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की जरूरत क्या है? दरोगा ने जान हथेली पर रखकर बदमाश को पकड़़ा है। पिस्टल न चलने के बाद भी पुलिसकर्मी पीछे नहीं हटे, जंगल में पूरी मुठभेड़ हुई है तो फिर कार्रवाई क्यों होगी।