सरकार ने हार्ट के मरीजों के लिए स्टंट की कीमत कम करने के बाद अब घुटने के सर्जरी के नये रेट तय किए हैं। नये रेट के मुताबिक सर्जरी की कीमत 54 हजार से 1.14 लाख रुपये तय की गई है। घुटने की सर्जरी के लिए ये दाम पहले के रेट से 70 प्रतिशत कम है।
सरकार ने ये फैसला निजी अस्पतालों में घुटने की सर्जरी के लिए ले रहे मनमानी रकम को देखते हुए लिया है। खुदरा मूल्य निर्धारित होने से घुटने के मरीजों की साल में 1500 रुपये की बचत होगी।
रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने मीडिया से कहा कि सरकार अब निजी और सरकारी अस्पतालों में चल रहे अवैध रूप से इस तरीके को और बर्दाश्त नहीं करेगी। कैंसर और ट्यूमर के लिए विशेष इम्पालंट के मामले में मौजूदा कीमत 4-9 लाख रूपये से घटाकर 1,13,950 रुपये तक कर दी गई है।
बता दें कि देश में करीब ढेड़ से दो करोड़ लोगों को घुटने की सर्जरी करवाने की जरुरत पड़ती है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक, देश में हर साल सवा लाख लोगों की घुटने की सर्जरी की जाती है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने इस महीने की शुरुआत में ऑर्थोपेडिक नी इम्प्लांट पर औसत लाभ 313 प्रतिशत होने की बात कही थी।
अनंत कुमार ने आगे कहा कि सरकार ने पहले दिल के मरीजों के लिए दाम कम किए थे और इसी की तर्ज पर अब घुटने के मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए दाम कम करने का फैसला लिया है। उन्होंने आगे कहा है कि एमआरपी से ज्यादा पैसा वसुलने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। बता दें कि घुटने के नए दामों के साथ जीएसटी भी जोड़ा जाएगा।