सरकार विवादित भारतीय इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। बांग्लादेश में आतंकी हमले में शामिल दो दुर्दांत आतंकियों के जाकिर के भाषणों से प्रभावित होने की सूचना के बाद केंद्र ने ऐसा संकेत दिया है।
51 साल का जाकिर दुनिया के कई देशों में इस्लाम पर तकरीर देता है। टीवी पर भी उसके भाषण करोड़ों मुस्लिम देखते हैं। कनाडा, अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों ने जाकिर और उसके संगठन पर प्रतिबंध लगा रखा है।
गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि जाकिर का भाषण अब सरकार के लिए चिंता का विषय है। इस मामले पर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने कहा कि एजेंसियां जाकिर नाईक के भाषणों और क्रियाकलापों पर नजर रख रही हैं।
रिजिजू के मुताबिक अभी यह नहीं कहा जा सकता कि जाकिर पर क्या कार्रवाई हो सकती है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश की खबर के बाद खुफिया ब्यूरो (आईबी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जाकिर की गतिविधियों और उसके भाषणों पर नजर रखने लगी हैं।
यू-ट्यूब पर मौजूद उसकी तकरीरों की पड़ताल भी की जा रही है। गौरतलब है कि जाकिर ने मुंबई में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन नाम की संस्था बना रखी है। इसके अलावा पीस टीवी पर उसकी तकरीर लगातार आती है जिसके दुनिया भर में करोड़ों दर्शक हैं।
बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में शामिल हरकत-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के छह आतंकियों में से दो के जाकिर के समर्थक होने की बात वहां के अधिकारियों ने स्वीकारी है। बांग्लादेश में भी जाकिर के समर्थकों की संख्या काफी है।
जाकिर हरेक मुसलमान को आतंकवादी बनने की सलाह देता है। उसका तर्क है कि अमेरिका और इस्लाम के खिलाफ काम करने वाले सबसे बड़े आतंकी हैं। इन आतंकियों में आतंक भरने के लिए हरेक मुसलमान को आतंकवादी बनना चाहिए।