सरकार अगले पांच सालों में देश के ढाई लाख आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड कर सक्षम आंगनबाड़ी बनाने की योजना पर काम कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इनमें क्रेच, स्मार्ट टीचिंग और लर्निंग जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि बच्चों को इससे अधिक लाभ मिल सके।
राजधानी के एक आयोजन में अतिरिक्त सचिव अजय तिरके ने कहा, अभी यह योजना प्रारंभिक दौर में है और इसको लेकर कई स्तरों पर विचार विमर्श जारी है। उन्होंने कहा, जरूरी मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को अगले साल से लागू करने की संभावना है।
इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सहज व बच्चों के लिए बेहतर बनाने के लिए इसमें और अधिक सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 13.77 लाख आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। जिनमें 12.8 लाख कर्मचारी और 11.6 लाख सहायक काम करते हैं।