कांग्रेस ने राज्यसभा में वित्त मंत्री पीयूष गोयल के कालेधन को लेकर दिए गए आंकड़ों पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि 2014 में चुनावी लाभ के लिए स्विस बैंक में 80 लाख करोड़ रुपए बताया जाता था अब वो आंकड़ा सरकार को पसंद नहीं आता है।
सरकार विदेश से न तो एक रुपए कालाधन ला पाई है और न ही कोई भी एक भगौड़ा आया। पार्टी ने प्रधानमंत्री को चुनौती दी है कि 2019 से पहले एक भी भगौड़ा भारत लाकर दिखाए।
कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा और प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस ने वित्त मंत्री के कालाधन कम होने के झूठे आंकड़े दिए हैं। उन्होंने बताया दरअसल दो अलग-अलग संस्थाएं हैं। स्विटजर लैंड का स्विस नेशनल बैंक हैं जिसने भारतीयों का धन दुगना होने का आंकड़ा दिया है। जबकि वित्त मंत्री ने बीआईएस के हवाले से आंकड़ा पेश किया है।
बीआईएस दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय बैंकों की संस्था है जो आंकड़े रखती है। उसके मुताबिक 2017 में 34 फीसदी की कमी दिखाई गई है। जबकि उसी के 2018 के पहली तिमाही के आंकड़े देंखे तो 23 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।
कांग्रेस का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति अपना कालाधन स्विस बैंकों में जमा करता है तो उसकी जानकारी स्विस नेशनल बैंक और बीआईएस दोनों के पास उपलब्ध होती है। जबकि उस राशि से अगर स्विस बैंकों के बांड, म्युच्युल फंड आदि खरीदे जाते हैं तो उसकी जानकारी बीआईएस के पास नहीं होती है। जो सरकार पहले 80 लाख करोड़ रुपए कालाधन लाने का दावा करती थी वो अब आंकड़ों से डरती है। जबकि मोदी सरकार ने वादा किया था कि कालाधन लेकर आएंगे अभी तक आठ रुपए भी नहीं ला सके हैं।
राजीव गौड़ा ने कहा कि सरकार राज्यसभा में भगौड़ा कानून लेकर आई है लेकिन इसमें भी खिलवाड़ हो रहा है। वर्तमान कानून में कोई अंतर नहीं है। सरकार जिन देशों से समझौता करती है भगौड़ा वहां की नागरिकता ले लेता है। जो सरकार कहती थी कि कालाधन रखने वालों को पकड़ेगी वही भगौड़े उनके सामने भारत छोड़कर भाग रहे हैं।