गूगल पे एप में जॉब प्लेटफॉर्म के लिए कंपनी ने स्पॉट बनाया है, विक्रेता अपने अनुभवों और जरूरतों के बारे में जानकारी देता है। इस स्पॉट से विक्रेता अपना स्पॉट कार्ड बना सकता है, जो क्यूआर कोड और एनफसी एंटिना से लैस होगा।
इस कार्ड की मदद से गूगल पे एप खोलें, जहां विक्रेता की ओर से दी गई जानकारी दिखाई देगी। मेक माई ट्रिप ने अभी स्पॉट बना रखा है, जहां गूगल पे एप से सीधे बुकिंग की जा सकती है। इसके लिए मेकमाईट्रिप के एप पर जाना नहीं पड़ेगा।
कंपनी का कहना है कि मेक माई ट्रिप और अर्बन लैडर जैसी बड़ी कंपनियां अपना खुद का स्पॉट विकसित कर सकती हैं, लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए थर्ड पार्टी के तौर पर गूगल का नया प्लेट फॉर्म सबसे कारगर होगा।
एक खरब डिजिटल अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कॉन्फ्रेंस के उदघाटन के दौरान कहा कि सरकार भारत को एक खरब की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की इच्छुक है। इसमें भुगतान, सेवाएं, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ई-कॉमर्स और एआई व मशीन लर्निंग आधारित तकनीकें शामिल होंगी।
गूगल लैंस भी अन्य भारतीय भाषाओं में भी
गूगल लैंस मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए विभिन्न भारतीय भाषा में लिखी हुई चीजों को फोन कैमरा से स्कैन करके पढ़ा जा सकेगा। इसका फायदा किसी नए राज्य में जाने पर लोगों को साइन बोर्ड से लेकर विभिन्न संदेश पढ़ने में विशेष रूप से मिलेगा। वहीं गूगल स्टेशन के तहत बीएसएनएल के साथ देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई दिया जा सकेगा।
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