भारत में खुद का कारोबार चलाने वाली महिला उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। एक अध्ययन में कहा गया है कि अगले पांच साल में ऐसे उद्यमियों के कारोबार में 90 फीसदी तक वृद्धि होगी।
भारत के 13 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की उद्यमियों पर अध्ययन
प्रसिद्ध परोपकारी संगठन एडलगिव फाउंडेशन ने भारत के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अध्ययन के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक इन राज्यों की तीन श्रेणियों विनिर्माण, खुदरा कारोबार और सेवा क्षेत्र से जुड़ी 3,300 महिला उद्यमियों पर अध्ययन किया गया।
इनमें से 1235 महिला उद्यमियों से बातचीत के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया है। इन उद्यमियों के अलावा उनके परिजनों, कर्मचारियों और क्लाइंट से भी बातचीत की गई। अध्ययन में उन 20 एनजीओ को भी शामिल किया गया, जो महिला उद्यमियों को सीधे तौर पर मदद करते हैं।
अध्ययन के मुताबिक, अर्ध शहरी और ग्रामीण भारत की करीब 80 फीसदी महिलाएं मानती हैं कि कारोबार शुरू करने के बाद उनके सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक हैसियत में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि महिला उद्यमियों की मदद के लिए चलाई गई सरकारी योजनाओं का योगदान काफी कम रहा। केवल एक फीसदी महिला उद्यमियों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। इसका कारण यह था कि 11 फीसदी महिलाओं को उनके बारे में पहले से पता था।
अमेरिका व ब्रिटेन के मुकाबले तेज तरक्की
अध्ययन में कहा गया हे कि ऐसे ही कारोबार में पांच साल में अमेरिका में 50 और ब्रिटेन में 24 फीसदी वृद्धि के मुकाबले भारत में इसकी वृद्धि 90 फीसदी तक होगी। अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि नए उद्यमियों को उनके कारोबार को औपचारिक आकार व नैतिक समर्थन देने के लिए मानव संसाधन प्रबंधन और संचार के जरिये जागरूक किया जाए।
अध्ययन के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मणिपुर, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल, झारखंड और दमन की उद्यमियों को शामिल किया गया।