हिमाचल प्रदेश में बह रही सतलुज नदी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने नेशनल वाटर वे घोषित कर दिया है। अब राज्य की ये नदी देश की उन 111 नदियों में शामिल हो गई है, जिन्हें नेशनल वाटर वे का दर्जा मिला है। हिमाचल के 156 और पंजाब के 162 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली सतलुज के हिस्से को नेशनल वाटर वे में शामिल किया गया है। यानी कुल 318 किलोमीटर दायरा इसमें शामिल होगा।
सतलुज के नेशनल वाटर वे घोषित होने के बाद केंद्र इसके लिए पॉलिसी तैयार कर परिवहन सेवाएं शुरू करेगी। साथ ही आपातकाल में पानी के इस रास्ते का प्रयोग किया जा सकेगा। इससे जहां भाखड़ा से सीधे बिलासपुर के सलापड़ पहुंचा जा सकेगा, वहीं कोलडैम से होते हुए सुन्नी तक जलमार्ग खुल जाएगा।
एक अच्छी तस्वीर राजौरी में देखने को मिली है जो पीएम मोदी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने की कोशिश का एक नजारा पेश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन और हर घर में शौचालय के सपने को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
राजोरी जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। इसके लिए हर घर में शौचालय निर्माण का काम चल रहा है..जिसका नतीजा ये हुआ है कि 98500 लोगों के घर में शौचायल बनाए जा चुके हैं।
ऐसी ही अच्छी तस्वीर कठुआ से भी आई है। जहां पीएम मोदी की एक दूसरी योजना को बढ़ावा मिल रहा है जो है प्रधानमंत्री आवास योजना। इस योजना के तहत कठुआ के बरनोती में गरीब लोगों को उनके खुद के घरों की सौगात दी जा रही है। जो लोग कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं उनके घरों को पक्के घरों में तब्दील किया जा रहा है।
इस योजना के तहत उन लोगों को भी घर मुहैया कराने की योजना है जो इस योजना के लाभार्थियों की लिस्ट में नहीं है उनका भी ब्योरा बनाकार इस उन्हें उनके घर दिए जाएंगे। बता दें की प्रधानमंत्री आवास योजना का मकसद 2022 तक सभी लोगों को उनके पक्के घर दिलाना है।