छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर वेटिंग रूम के जरिए भी एक-दूसरे की जासूसी करा रहे थे। सीबीआई बिल्डिंग की 11 वीं मंजिल पर इन दोनों अफसरों का एक ही वेटिंग रूम है। यानी जिस किसी डायरेक्टर से जो कोई मिलने के लिए आता तो वह इसी वेटिंग रूम का इस्तेमाल करता था।
यहीं पर दोनों निदेशकों का निजी स्टाफ भी तैनात रहता था, जो आने-जाने वालों के बारे में पूरी जानकारी अपने-अपने बॉस की टेबल तक पहुंचा देता। इसके अलावा लोधी कालोनी के प्रगति विहार स्थित सीबीआई दफ्तर में भी रूम को लेकर इनके बीच लगातार तनातनी चलती रही है।
खुफिया एजेंसी ने पीएमओ को यह रिपोर्ट भी दी थी कि आलोक वर्मा ने बीते दो माह में कथित तौर पर गुजरात से कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद के साथ कई बार मुलाकात की है। सीबीआई दफ्तर में दोनों निदेशक 11 वीं मंजिल पर बैठ रहे थे। चूंकि पहले सीबीआई में केवल निदेशक का ही पद होता था तो इसलिए वेटिंग रूम भी एक ही बनाया गया है। राकेश अस्थाना के स्पेशल डायरेक्टर बनने के बाद यहां पर वेटिंग रूम का झगड़ा शुरू हुआ।
राकेश अस्थाना से मिलने आए एक व्यक्ति स्टाफ की गलती से आलोक वर्मा के पास पहुंच गए थे
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि जो भी बाहरी व्यक्ति इन दोनों निदेशकों से मिलने के लिए आता तो वहां मौजूद स्टाफ उसकी सारी जानकारी ले लेता था। आगुन्तक को यह पता नहीं लगता था कि कौन सा स्टाफ किस निदेशक का है, ऐसे में वह अपने बारे में सभी तरह की जानकारी दे देता था। इसी चक्कर में अगस्त माह के दौरान राकेश अस्थाना से मिलने आए एक व्यक्ति स्टाफ की गलती से आलोक वर्मा के पास पहुंच गए थे।
वेटिंग रूम का स्टाफ वहां आने वालों की बाकायदा रजिस्टर में एंट्री करता था। कई मौकों पर इस बात को लेकर दोनों निदेशकों के बीच तू-तू मैं-मैं हो चुकी थी। इसके अलावा सीबीआई का एक अन्य दफ्तर जो कि प्रगति विहार लोधी कालोनी में ही स्थित है, वहां बैठने के लिए भी दोनों निदेशक आपस में भिड़ गए थे। दिल्ली में सीबीआई निदेशक के लिए फिलहाल तीन जगह पर बैठने की व्यवस्था की गई है। नॉर्थ ब्लॉक, सीबीआई बिल्डिंग और प्रगति विहार में निदेशक का दफ्तर बनाया गया है।
सूत्रों ने बताया कि राकेश अस्थाना प्रगति विहार वाले दफ्तर में बैठने के लिए चले गए। जब यह बात आलोक वर्मा को पता चली तो उन्होंने इस पर एतराज जताया। वे कई सप्ताह तक वहां खुद जाकर बैठने लगे। बीच में कई बार राकेश अस्थाना भी वहां पहुंचे तो उन्हें वह कमरा बंद मिला।
प्रशांत, शौरी व सिन्हा की तिकड़ी के अलावा कांग्रेसी नेता से भी मिले थे वर्मा
खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी के मुताबिक, सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की राफेल के मुद्दे पर प्रशांत भूषण, अरुण शौरी व यशवंत सिन्हा से हुई मुलाकात से पीएमओ नाराज था। इसी दौरान एजेंसी के हाथ यह जानकारी भी लग गई कि वर्मा ने कथित तौर से कांग्रेस के एक बड़े नेता जो कि गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं और सोनिया गांधी के बहुत करीबी बताए जाते हैं, से मुलाकात की है।
बताया जाता है कि यह मुलाकात दो बार हुई है। खुफिया एजेंसी ने पीएमओ तक यह जानकारी भी पहुंचा दी थी कि वर्मा बहुत जल्द ऐसा कुछ करने वाले हैं, जिससे सरकार बड़ी मुसीबत में फंस सकती है। इस बीच वर्मा को भी कहीं से यह भनक लग गई कि सीवीसी और डीओपीटी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने वाले हैं तो उन्होंने बिना कोई देरी किए राकेश अस्थाना और एसआईटी के सदस्य डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।