हर घर में एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने के लक्ष्य में जुटी मोदी सरकार के पक्ष में खबर आई है। वैश्विक स्तर पर एलपीजी आयात करने वाला भारत दूसरा बड़ा देश बन गया है। लिस्ट में चीन सबसे आगे चल रहा है, लेकिन जिस गति से भारत में एलपीजी की मांग बढ़ रही है उस हिसाब से वह उसे भी पछाड़ देगा।
बता दें कि भारत क्रूड ऑयल के आयात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, भले ही वह अमेरिका और चीन से पीछे है, लेकिन उसने साल 2016 में जापान को पीछे छोड़ दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक गरीबों को दी जाने वाली गैस की मांग साल 2017-18 में 8 फीसदी बढ़ गई है।
सरकारी आकंड़ों को देखा जाए तो भारत ने 2017-18 के बीच करीब 11 मिलियन टन एलपीजी का आयात किया था। इंटनरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत को जिस तरह गरीब परिवारों में एलपीजी मुहैया कराने में जुट गया है, उस हिसाब से आने वाले 10 सालों में वह ऑयल आयात का सबसे बड़ा दावेदार बन जाएगा।
हाल ही में सामने आया कि भारत ने दिसंबर में चीन को भी एलपीजी आयात करने के मामले पीछे दिया था। भारत ने 2.4 मिलियन टन एलपीजी आयात की थी, जबकि चीन का आंकड़ा 2.3 मिलियन टन रहा था। हालांकि, ऐसा एक ही बार हुआ था, लेकिन वो दिन दूर नहीं जब भारत चीन को भी पछाड़ देगा।