केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवाओं (सीएचएस) के तहत देश भर में कार्यरत चिकित्सकों के लिए एक अच्छी खबर है। ऐसे चिकित्सक अब 62 वर्ष के बाद भी विभागाध्यक्ष के पद पर बने रह सकते हैं। पिछले वर्ष स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक आदेश जारी कर सीएचएस के चिकित्सकों को 62 वर्ष के बाद प्रशासनिक पद देने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद से चिकित्सकों की ओर से इस सवाल उठाया जाने लगा था। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की ओर से यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे जल्द मंजूरी मिल सकती है।
दरअसल, मंत्रालय को इस संबंध में चिकित्सकों की ओर से कई शिकायतें मिली थीं। जिनमें कहा गया था कि इस निर्णय से विभाग में काम करने में दिक्कत हो रही है। जूनियर चिकित्सक उनके एचओडी बन गए हैं, जिससे व्यवहारिक दिक्कतें भी आ रही हैं।
''मंत्रालय का मानना है कि विभागाध्यक्ष का पद ऐसा नहीं होता जहां किसी तरह का नीतिगत निर्णय लिया जाता हो। लिहाजा मंत्रालय का मानना है कि यह पद 62 वर्ष के बाद भी दिया जाए। बहुत जल्द इस संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।'' : सीके मिश्रा, स्वास्थ्य सचिव, भारत सरकार