विदेशी पासपोर्ट दफ्तर लिंक हुए भारत के डाटा सेंटर से
पासपोर्ट धारकों के लिए दुनिया भर में बने भारतीय दूतावास जल्द ही वहां रह रहे नागरिकों को 48 घंटे से भी कम समय में पासपोर्ट जारी करेगा। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने ये जानकारी दी। उन्होंने वाशिंगटन में भारतीय दूतावास में 'पासपोर्ट सेवा' शुरू करने के बाद संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय मिशनों में स्थित पासपोर्ट दफ्तरों को डिजिटल तरीके से भारत में डाटा सेंटर से जोड़ा गया है, जिससे पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। आपको बता दें कि अभी हाल ही में न्यूयॉर्क में भारतीय मिशन ने 48 घंटे से भी कम समय में पासपोर्ट जारी किए थे। ब्रिटेन और अमेरिका के बाद इस सेवा को पूरी दुनिया में मौजूद भारतीय मिशनों तक फैलाने की कवायद भी शुरू होगी।
देश ने केरल राज्य में आई बाढ़ जैसी कई तबाही देखी हैं। भयावह बाढ़ से लाखों लोगों को भारी तबाही का दंश झेलना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, बाढ़ की तबाही से बचने के लिए एक नई तकनीक विकसित कर ली गई है। इससे बारिश के प्रभाव को मॉनिटर करने में राज्य सरकारों को काफी मदद मिल सकती है। इस बात की जानकारी देते हुए आईएमडी चीफ केजे रमेश ने कहा कि बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर में इजाफे के आकलन के लिए एक नई तकनीक विकसित की गई है और इससे राज्य सरकारों को बारिश के प्रभाव का बारीकी से अध्ययन करने का मौका मिलेगा। इस तकनीकी को 'प्रभाव आधारित पूर्वानुमान दृष्टिकोण' कहा गया है जो दर्शाता है कि घटना से पहले के परिदृश्य अधिकारियों को वास्तविक समय में निर्णय लेने में मदद करता है।
उपराष्ट्रपति ने करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखी है। इस कॉरिडोर का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। यह कॉरिडोर सिख समुदाय के लिए काफी मायने रखता है और समाज की इसी भावना का ख्याल रखते हुए सोमवार को करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखी गई। कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालु खुद गुरुदासपुर जिले से करतारपुर साहिब जाकर दर्शन कर सकेंगे। फिलहाल तो ये स्थल पाकिस्तान में भारतीय सीमा से करीब चार किलोमीटर दूर है और अभी पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक बॉर्डर आउटपोस्ट से दूरबीन से श्रद्धालु दर्शन करते हैं।