बेहतर खानपान, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, तनाव मुक्त जीवन और नशीले पदार्थों से दूरी आपके जीवन के कुछ वर्ष बढ़ा सकती है। प्रदूषण रहित स्वच्छ वातावरण भी इसमें मददगार साबित होता है। इसी तरह शिक्षा भी लम्बा जीवन जीने में मददगार हो सकती है।
अंतराष्ट्रीय जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग जितना ज्यादा पढ़ाई करते हैं उनके लम्बे समय तक जीने की संभावना भी उतनी ही बढ़ जाती है। यह पहला मौका है जब किसी अध्ययन में शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के बीच के संबंधों का इतनी गहराई से अध्ययन किया गया है। इसमें सामने आया है कि शिक्षा के हर अतिरिक्त वर्ष के साथ मृत्यु का जोखिम दो फीसदी कम हो जाता है। अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने प्राथमिक विद्यालय के छह साल पूरे किए थे, उनमें मृत्यु का जोखिम औसतन 13.1 फीसदी कम था। वहीं बारहवीं से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मृत्यु के जोखिम में 24.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई। जिन लोगों ने 18 वर्षों तक पढ़ाई पूरी की थी उनमें मृत्यु का जोखिम 34.3 फीसदी तक कम था। यानी शिक्षा के हर अतिरिक्त वर्ष के साथ जीवन प्रत्याशा में 1.9 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवन प्रत्याशा में इजाफे की जो गणना की गई है वह उन लोगों की तुलना में है, जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखा। उम्र, लिंग, स्थान और सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना शिक्षा, जीवन प्रत्याशा में इजाफा करने में मददगार होती है।
इतना घातक है अशिक्षित होना
70 साल तक के लोगों को होता है फायदा
अध्ययन के अनुसार शिक्षा युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाती है। इसके बावजूद 50 और यहां तक कि 70 साल की आयु वाले लोग भी शिक्षा का फायदा पाते हैं। 59 देशों में प्रकाशित सैकड़ों अध्ययनों का विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाले हैं। अध्ययन में निम्न और मध्यम-आय वाले देशों में कहीं ज्यादा अध्ययन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
बेहतर शिक्षा के लिए निवेश बढ़ाने की आवश्यकता