महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ आठ प्राथमिकियां दर्ज की हैं। उन्होंने बताया कि खरात के खिलाफ यौन शोषण, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के आरोपों की शिकायतें मिली हैं। फडणवीस राज्य के गृह विभाग को भी संभालते हैं।
विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, नासिक के खरात के खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) सरकारी अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच करेगी। उन्होंने कहा, खरात के खिलाफ कुल आठ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। खराब अभी पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच के लिए नासिक की अदालत से 29 मार्च तक की रिमांड बढ़ाई गई है। इनमें से सात मामले एसआईटी के पास हैं। मैंने सदन में अंतरिम रिपोर्ट पेश की है।
उन्होंने बताया कि पहला मामला 19 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब खुद खरात ने नासिक में शिकायत दर्ज कराई थी कि दिनेश मणजी परब नाम के व्यक्ति ने उससे पांच करोड़ रुपये की मांग की और एक महिला के साथ उनका आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने फोन कॉल रिकॉर्ड, संदेश और स्क्रीनशॉट की जांच के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया, 18 फरवरी को अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नीरज जाधव ने उसकी एआई से आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर वायरल करने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने तस्वीर हटा दी थी। लेकिन धमकी दी गई थी। इस पर मामला दर्ज किया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने विस्तृत जानकारी नहीं दी।
दूसरे मामले की जांच के दौरान पुलिस को खरात के सहयोगियों से जुड़े उपकरणों से अहम सबूत मिला। नीरज जाधव की जांच के दौरान खरात के सहयोगी योगेश भालेराव ने कुछ वीडियो दिखाए। पुलिस को मोबाइल फोन से आठ महिलाओं से जुड़े 35 वीडियो मिले। फडणवीस ने आरोप लगाया कि खरात खुद को धार्मिक व्यक्ति बताकर महिलाओं का शोषण करता था।
धमकी देकर महिला से कई बार किया दुष्कर्म
उन्होंने कहा, खरात ने खुद धर्मगुरु के रूप में पेश किया और महिलाओं के साथ दुष्कर्म व अश्लील हरकतें कीं। एक गवाह सबूत पेश करना चाहते था, उसे भी अपनी जान का डर था। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरात को देश छोड़ने से रोकने के लिए 10 मार्च को लुकआउट नोटिस जारी किया गया और मामलों की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। 17 मार्च को नासिक के सरकारवाड़ा थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे कनाडा कॉर्नर स्थित खरात के दफ्तर बुलाया गया, पानी पिलाया गया और उसके पति को जान से मारने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया गया।
फडणवीस ने बताया कि 17 मार्च को खरात को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, एक रिवॉल्वर और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने यह भी पाया कि उसके पास नासिक जिले के मिरगांव में एक फार्महाउस है। 19 मार्च को जांच औपचारिक रूप से एसआईटी को सौंपी गई।
सोशल मीडिया से हटाए गए फोटो और वीडियो
उन्होंने बताया कि तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराने पर सहमति दी है। अब तक यौन शोषण से जुड़े छह मामले दर्ज हो चुके हैं। सोशल मीडिया से सभी फोटो और वीडियो हटवा दिए गए हैं। एक न्यूज चैनल को पीड़िता की पहचान उजागर करने पर नोटिस भेजा गया है।
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एक मामले का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि फरवरी 2020 से 18 मार्च तक खरात ने एक महिला को कई बार अपने दफ्तर बुलाया,उसे 'मंत्रित पानी' पिलाया और धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर उसका यौन शोषण किया। उन्होंने बताया कि महिला गर्भवती हो गई थी। जिसके बाद खरात ने उसे गर्भपात की दवाएं दीं और धमकी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी यह भी जांच करेगी कि क्या इस मामले में कोई सरकारी अधिकारी शामिल है।
सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी होगी जांच
उन्होंने कहा, हम यह भी जांच करेंगे कि क्या किसी अधिकारी की इसमें भूमिका है और क्या खरात ने अपने रिश्तेदारों या सहयोगियों के नाम पर संपत्ति बनाई है। शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव के सवाल पर फडणवीस ने कहा, हमने जानबूझकर जांच एक महिला अधिकारी को सौंपी है, जिनका अच्छा रिकॉर्ड है। हर सबूत दर्ज किया जाएगा और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।