गोवा के लइराई मंदिर में वार्षिक जात्रा के दौरान हुई भगदड़ में बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल मंदिर समिति ने पुलिस प्रशासन के निर्देशों के बावजूद सुरक्षा संबंधी कई इंतजाम नहीं किए, जिनका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा।
गोवा के श्री लइराई मंदिर में हुई भगदड़ के मामले में बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल पुलिस द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद मंदिर समिति ने लइराई जात्रा से पहले सीसीटीवी कैमरे और बैरिकेड्स नहीं लगाए गए। वहीं मंदिर समिति के लोगों का कहना है कि पुलिस ने जात्रा से कुछ दिन पहले ही ये निर्देश दिए थे और इतने कम समय में सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करना संभव नहीं था। उल्लेखनीय है कि मंदिर में हुई भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।
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बैठक में मौजूद रहे थे सभी वरिष्ठ अधिकारी
पुलिस, जिला प्रशासन और श्री लइराई मंदिर समिति के अधिकारियों के बीच 30 अप्रैल को बैठक हुई थी। इस बैठक में मंदिर समिति की वार्षिक जात्रा को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही पुलिस ने मंदिर समिति को परिसर में एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया था। इस बैठक में उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल, डिप्टी एसपी जिवबा दलवी, डिप्टी कलेक्टर भीमनाथ खोजुवेकर और मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
हादसे की वजह बनी ये लापरवाही
पुलिस ने मंदिर समिति को सभी भीड़ वाली जगहों पर भी सीसीटीवी लगाने और एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाने की सलाह दी थी। सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पुलिसकर्मियों के तैनात करने की बात भी कही गई थी। हालांकि ऐसा कुछ नहीं किया गया। मंदिर की वार्षिक जात्रा में करीब 70 हजार लोग पहुंचे और सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। हालांकि पुलिस के निर्देशों पर मंदिर समिति ने कहा कि बैठक वार्षिक जात्रा से कुछ दिन पहले ही हुई, ऐसे में उनके पास सीसीटीवी कैमरे लगाने का पर्याप्त समय नहीं था। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछली बार बैरिकेड्स लगाने से कई श्रद्धालु घायल हो गए थे तो इस बार बैरिकेड्स नहीं लगाए गए।
भगदड़ में छह लोगों की गई जान
शनिवार की सुबह उत्तरी गोवा के शिरगांव में स्थित लइराई देवी मंदिर में मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। वार्षिक लइराई जात्रा में शामिल होने के लिए गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र से करीब 70 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। भारी भीड़, ढलान वाले रास्ते के चलते कुछ श्रद्धालु गिरे, जिससे भगदड़ मच गई। गोवा सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और साथ ही उत्तरी गोवा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया है।