गोवा के शिरगांव गांव में श्री लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई दर्दनाक भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत और करीब 70 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद, गोवा स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में इमरजेंसी के लिए 'कोड रेड' सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला किया है, ताकि ऐसे हालात में तेजी से मदद मिल सके।
सबसे पहले GMCH में लागू होगा 'कोड रेड'
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को बताया कि सबसे पहले गोवा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में इसे लागू किया जाएगा और फिर जिला अस्पतालों व सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भी इसे शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने जीएमसीएच में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की। फिलहाल दो-तीन मरीजों की हालत गंभीर है, हालांकि उनमें से दो की स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन अभी भी कड़ी निगरानी की जरूरत है।
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इमरजेंसी प्रोटोकॉल है 'कोड रेड'- विश्वजीत राणे
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 'कोड रेड' एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य इमरजेंसी प्रोटोकॉल है। इसके तहत अस्पताल में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सिस्टम खुद-ब-खुद एक्टिव हो जाता है और विभिन्न विभागों के डॉक्टर तुरंत जुट जाते हैं ताकि तेजी से जरूरी फैसले लिए जा सकें। विश्वजीत राणे ने कहा, 'मैंने डॉक्टरों से कहा है कि अगर देश के किसी भी कोने से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाने की जरूरत पड़े तो सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी। मरीजों को स्थिर करने के लिए जो भी बैकअप सिस्टम चाहिए, वो तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।'
राज्यपाल की अपील- गोवा को एकजुट होकर मदद करनी चाहिए
इधर गोवा के राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लई ने भी रविवार को मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे को मानव कल्पना से परे बताया और कहा कि इस दुख की घड़ी में गोवा के लोगों को मिलकर प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए।
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जरूरत पड़ने पर पीड़ितों की और मदद की जाएगी- राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा, 'जब हादसा हुआ, तब मैं केरल में था। जैसे ही खबर मिली, मैं तुरंत गोवा लौट आया और अस्पताल में घायलों से मिला।' उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही पीड़ितों की हरसंभव मदद करने की कोशिश कर रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि गोवा में ऐसा हादसा पहली बार हुआ है और सरकार इसकी जांच कर रही है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है और जरूरत पड़ने पर और मदद दी जाएगी।
राजस्व सचिव के नेतृत्व में बनी एक जांच समिति
राज्य सरकार ने इस हादसे की जांच के लिए राजस्व सचिव संदीप जैक्स के नेतृत्व में एक समिति बनाई है, जो मंगलवार तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा, घटना के तुरंत बाद जिला कलेक्टर स्नेहा गिट्टे और पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल का तबादला कर दिया गया ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।