गोवा में जानेमाने चित्रकार और कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा की 90वीं जयंती को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। गोवा में जन्मे मारियो ने अपने चित्रों और कार्टूनों के जरिए गोवा की संस्कृति को दुनियाभर में खास पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया था।
दिसंबर, 2011 में अपने निधन से पहले मारियो ने गोवा और मुंबई की स्थानीय संस्कृति और चरित्रों को लेकर जो कार्टून और चित्र बनाए, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आम जीवन के रंगों से लोगों को परिचित कराने में खास योगदान दिया था।
उन्होंने इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया, टाइम्स ऑफ इंडिया और इकॉनॉमिक टाइम्स के लिए लंबे समय तक कार्टून बनाए थे। उनकी बॉस और सेक्रेटरी सीरिज़ के कार्टून और ग्लैमर वर्ल्ड की 'मिस नींबूपानी' जैसे पात्र काफी चर्चित रहे हैं।
मारियो मिरांडा के बनाए हुए कई भित्तिचित्र यानी म्यूरल्स गोवा में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। उन्होंने कई शहरों के जीवन को अपनी पेंटिंग्स में उतारा जिनमें गोवा के अलावा पेरिस और हैम्बर्ग की पेंटिंग्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रही हैं।
मारियो अपने रेखाचित्र की बारीकियों के लिए दुनिया भर में मशहूर थे।उनके बनाए हुए हाट बाजार, स्कूल, दफ्तर, इमारतों और रेस्तराओं के रेखाचित्रों में हास्य-व्यंग्य का रंग दिखता है और जीवन की ढेर सारी गतिविधियों की जीवंत झलक दिखाई देती है।
मारियो के इस अहम योगदान की याद में गोवा संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा उनके कलाकर्म पर आधारित एक प्रदर्शनी भी गोवा की राजधानी पंजिम के कला संग्राहलय में दिखाई जाएगी।
इस प्रदर्शनी में मारियो के 74 चित्रों की मूल प्रतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। जयंति के मौके पर मारियो गैलरी एंड म्यूज़ियम मिरांडा की 1949 के दौरान लिखी डायरी का प्रकाशन भी करने जा रहा है।
इस डायरी में 22 वर्ष के युवा मारियो के मुंबई में बिताए छात्र जीवन का जिक्र मिलता है। मारियो ने अपने जीवन का एक अहम हिस्सा मुबंई और गोवा के बीच भागते-दौड़ते,बसते-बसाते गुजारा था। यह दौर उनके जीवन का सबसे ज्यादा संघर्ष का वक्त था।