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गोवा क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: डाबोलिम में अवैध पेट्रोलियम अड्डे पर छापा, 1.5 करोड़ का ईंधन जब्त

Mon, 29 Jun 2026 03:22 AM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, पणजी

सार

गोवा क्राइम ब्रांच ने डाबोलिम में अवैध पेट्रोलियम भंडारण केंद्र पर छापा मारकर 1.5 करोड़ का ईंधन और टैंकर जब्त किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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Crime demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने डाबोलिम इलाके में चल रहे एक अवैध पेट्रोलियम भंडारण केंद्र पर छापा मारा। इस छापेमारी में करीब 1.5 करोड़ रुपये की कीमत का ईंधन टैंकर और पेट्रोलियम उत्पाद जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस अवैध गतिविधि के बारे में खास जानकारी मिली थी।

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क्राइम ब्रांच की टीम ने डाबोलिम के इस परिसर में करीब छह घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां खड़े छह ईंधन टैंकरों और एक टिपर ट्रक की बारीकी से जांच की गई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस केंद्र के पास पेट्रोलियम उत्पादों को रखने के लिए कोई भी वैध लाइसेंस नहीं था। बिना अनुमति इतनी बड़ी मात्रा में ईंधन जमा करना आवश्यक वस्तु अधिनियम के नियमों का सीधा उल्लंघन है।

जांच के समय टैंकरों के अंदर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ भरा हुआ मिला। पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधिकारियों की देखरेख में ईंधन के नमूने लिए। इन नमूनों को सील कर दिया गया है ताकि आगे की जांच की जा सके। पुलिस ने सभी टैंकरों, ट्रक और अन्य जरूरी सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है।
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पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए वाहनों और ईंधन की कुल कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी पता चला कि यह पूरा अवैध कारोबार सांक्वेलिम का रहने वाला देवेंद्र नाइक उर्फ राजू चव्हाण चला रहा था। वह यहां जमा किए गए पेट्रोलियम उत्पादों को कथित तौर पर ऊंचे दामों पर काला बाजार में बेचता था।

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विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह अवैध रूप से ईंधन रखना पेट्रोलियम अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। इससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा हो सकता था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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