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गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: लूथरा भाइयों पर बॉम्बे हाईकोर्ट का शिकंजा, मृतकों के परिजनों को देने होंगे 20-20 लाख

Mon, 12 Oct 2026 02:57 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

गोवा नाइट क्लब अग्निकांड मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने लूथरा भाइयों को मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये अंतरिम मुआवजे के तौर पर जमा कराने का निर्देश दिया है। हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गोवा के चर्चित नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले 25 लोगों के परिवारों को अंतरिम राहत देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये जमा कराने को कहा है। सोमवार को जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसंदेकर की खंडपीठ ने दिसंबर 2025 में हुए इस हादसे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। अदालत ने साफ किया कि फिलहाल जमा होने वाली यह रकम अंतरिम मुआवजा है और मुख्य मामले में दोनों पक्षों की दलीलें देने का अधिकार बरकरार रहेगा।

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50 लाख रुपये की मांग, क्लब मालिकों ने दिए थे 25 लाख का प्रस्ताव
मृतकों के परिवारों की ओर से पेश वकील प्राची सावंत ने अदालत को बताया कि परिजनों ने हर मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। वहीं, नाइट क्लब के मालिकों की ओर से पहले 25 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया था। सावंत ने अदालत को बताया कि उन्होंने परिवारों से इस बारे में बात की थी, लेकिन उनकी मांग थी कि मुआवजे की रकम करीब 50 लाख रुपये होनी चाहिए।

'पहले 20 लाख रुपये जमा करें, बाकी लड़ाई जारी रहेगी'
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सुझाव दिया कि दोनों मालिक फिलहाल हर मृतक के परिवार के लिए 20 लाख रुपये जमा कराएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस रकम को जमा करने का मतलब यह नहीं होगा कि मुख्य मामले में किसी पक्ष की दलील या दावा खत्म हो जाएगा। न्यायाधीशों ने कहा कि रकम अदालत में जमा कराई जाए और मुख्य मामले में दोनों पक्ष अपनी लड़ाई जारी रख सकते हैं। पीठ ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले आपस में बातचीत कर इस व्यवस्था पर सहमति बनाने को कहा।
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चार पर्यटकों के परिवारों ने हरियाणा में भी दायर किया मामला
पीड़ित परिवारों की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि हादसे में जान गंवाने वाले चार पर्यटकों के परिजनों ने हरियाणा की उपभोक्ता अदालत में भी मामला दायर किया है। वकील प्राची सावंत ने कहा कि वह अभी तक सभी पीड़ित परिवारों से प्रस्तावित मुआवजे को लेकर उनकी राय नहीं जान पाई हैं। ऐसे में सभी परिवारों की सहमति और मुआवजे से जुड़े मामलों की स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।

हादसे से जुड़े सभी मामलों की सूची तैयार करने का निर्देश
अदालत ने मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी यानी न्याय मित्र से कहा कि वह इस अग्निकांड से जुड़े सभी लंबित मामलों की विस्तृत सूची तैयार करें। इसका मकसद यह पता लगाना है कि हादसे को लेकर अलग-अलग अदालतों में कितने मामले चल रहे हैं और उनकी स्थिति क्या है। पीठ ने दोनों पक्षों को प्रस्तावित अंतरिम मुआवजे पर चर्चा करने और बातचीत का नतीजा अदालत को बताने का निर्देश दिया।

21 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई
हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को तय की है। अदालत चाहती है कि तब तक दोनों पक्ष अंतरिम मुआवजे को लेकर आपस में बातचीत कर लें और अपनी सहमति या असहमति से उसे अवगत कराएं। अब अगली सुनवाई में यह साफ हो सकेगा कि मुआवजे की रकम जमा कराने को लेकर क्या व्यवस्था बनती है।

डांस पार्टी के दौरान लगी थी आग, 25 लोगों की गई थी जान
यह दर्दनाक हादसा 6 दिसंबर 2025 को उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुआ था। उस समय क्लब में डांस पार्टी चल रही थी। इसी दौरान आग लग गई, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के बाद क्लब की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे।

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हादसे के बाद थाईलैंड भाग गए थे लूथरा भाई
हादसे के बाद नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा थाईलैंड चले गए थे। बाद में दोनों को वहां से भारत वापस भेज दिया गया। 17 दिसंबर को भारत लाए जाने के बाद से दोनों उत्तरी गोवा की कोलवाले सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब हाई कोर्ट के अंतरिम मुआवजे से जुड़े निर्देश के बाद मृतकों के परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि मुआवजे की अंतिम राशि और मुख्य मामले पर फैसला आगे की सुनवाई में होना है।

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