बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने पुर्तगालियों के शासनकाल में बने एक कानून के अनुच्छेद 19 को समाप्त कर दिया है। यह अनुच्छेद चर्च ट्रिब्यूनल (अदालत) को कैथोलिक ईसाइयों की शादी और तलाक के मामलों को निपटाने का कानूनी अधिकार देता था।
जस्टिस आरडी धानुका और पृथ्वीराज चव्हाण की दो सदस्यीय पीठ ने 95 पेज के अपने आदेश में डिक्री नंबर 35461 के अनुच्छेद 19 को समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह अनुच्छेद 1946 में गोवा में पुर्तगालियों के शासनकाल के दौरान पास हुआ था, जो चर्च अदालतों को विवाह के निरस्तीकरण का विशेष अधिकार देता था।
इसके तहत चर्च ट्रिब्यूनल नागरिक पंजीकरण कार्यालय को विवाह निरस्त करने का निर्देश देता था। इससे पहले गोवा के सिविल कोर्ट कैथोलिक शादियों के मामले में तलाक की इजाजत नहीं दे सकते थे। चर्च संबंधी अदालतों के आदेशों को चुनौती देने वाले दो अलग अलग मामलों की सुनवाई करते हुए गोवा हाईकोर्ट ने औपनिवेशिक काल के इस कानून को समाप्त करने का आदेश दिया।