गोवा के महादेई वन्यजीव अभयारण्य में पिछले 11 दिन में 48 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें 31 सरकारी जंगलों, पांच निजी क्षेत्रों, दो निजी जंगलों, एक सामुदायिक वन क्षेत्र और तीन डीएफडीसी के जंगलों में सामने आई हैं। इनमें अभी सात स्थानों पर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यावरण मंत्रालय ने कहा है कि स्थिति की निगरानी की जा रही है। केंद्र ने पांच मार्च के बाद लगी सभी आग की घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं। घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए 24 घंटे सातों दिन चलने वाला निगरानी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। अभी तक किसी बड़े पारिस्थितिकी तंत्र और वन्य जीवों को नुकसान का मामला सामने नहीं आया है।
जंगलों में आग लगने की ज्यादातर वजहें स्थानीय लोगों की ओर से असावधानी और अन्य कारण हो सकते हैं। स्थानीय ग्रामीण पशुओं के चारागाहों में हरी घास के लिए मैदानी क्षेत्र के हिस्सों में आग लगा देते हैं। मौजूदा समय में अभूतपूर्व उच्च तापमान और तेज हवाओं के चलते घटनाओं की तीव्रता में बढ़ोतरी हुई है। आग बुझाने के लिए युद्धस्तर पर हो रहा है। नौसेना और वायुसेना की भी मदद ली जा रही है। केंद्र ने जिलाधिकारियों से आपदा प्रबंधन को सक्रिय रहने के लिए कहा है।
लंबे समय से नहीं हुई बारिश
गोवा लंबे समय से सूखे से गुजर रहा है। पिछले साल अक्तूबर के बाद से अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। यह वजह है कि आर्द्रता और तेज गर्मी के चलते आग तेजी से फैल रही है। चलने वाली तेज हवाओं ने हालात और खराब कर दिए हैं।
कड़ी नजर रखे हुए है पीएमओ: राणे
गोवा के वन मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय गोवा के महादेई वन्यजीव अभयारण्य में लगी आग पर करीबी नजर रखे हुए है। आग पर काबू पाने के लिए वायुसेना और नौसेना के हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन्हें सूचित किया है कि मामले में रक्षा मंत्रालय पूरा समर्थन करेगा।
750 लोगों को अभियान में लगाया
मंत्रालय ने 750 लोगों को समूहों में बांटकर आग को नियंत्रित करने के अभियान में लगाया है। प्रभावित क्षेत्रों को सेक्टरों में बांट दिया गया है।
भारतीय नौसेना ने विशेष हेलीकॉप्टर तैनात किए
उधर मंगलवार को, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने स्थिति की निगरानी के लिए एक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की थी। भारतीय नौसेना भी आग बुझाने के लिए आगे आ चुकी है। इसने एरियल लिक्विड डिस्पर्सन इक्विपमेंट के साथ हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।