गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के एम्स में भर्ती होने के बाद राज्य की सियासी उठापटक तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार शाम को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की। कांग्रेस ने राज्यपाल से विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए भाजपा सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश देने की मांग की। मुख्यमंत्री परिकर के एम्स में भर्ती होने के बाद कांग्रेस ने गोवा में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। कांग्रेस ने सोमवार को राज्यपाल की अनुपस्थिति में एक ज्ञापन सौंपकर विधानसभा भंग न कर उन्हें वैकल्पिक सरकार बनाने का मौका देने का आग्रह किया था।
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कावलेकर बोले, बहुमत साबित कर देंगे : कांग्रेस दल के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि हमें दूसरे दलों के विधायकों का समर्थन है। अगर हमें मौका मिलता है तो हम सदन में बहुमत साबित कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम राज्य में चुनाव नहीं चाहते हैं। अगर भाजपा और सहयोगी दल सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं।
...तो कई भाजपा विधायक दे देंगे इस्तीफा
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि जैसे ही मुख्यमंत्री के लिए परिकर की जगह दूसरे नाम की घोषणा होगी, कई भाजपा विधायक इस्तीफा दे देंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोंडाकर ने कहा कि हम भाजपा को चुनौती देते हैं कि 14 विधायकों की परेड कराई जाए और सत्र बुलाकर बहुमत साबित किया जाए। भाजपा की गठबंधन सरकार अल्पमत में है। मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्री बीमार है। एक विधायक स्पीकर है। ऐसे में सदन में उनकी संख्या महज दस रह जाएगी। दूसरे दलों ने परिकर को समर्थन किया था न कि भाजपा को।
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शाह ने दिया स्थिरता का भरोसा : सरदेसाई
पणजी। गोवा फारवर्ड पार्टी (जीएफपी) के प्रमुख विजय सरदेसाई ने मंगलवार को कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मौजूदा राजनीतिक हालातों पर उनसे बात की और सरकार की स्थिरता का भरोसा दिया है। इससे पहले सरदेसाई ने कहा था कि अगर मनोहर परिकर के स्वास्थ्य को देखते हुए भाजपा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रही है तो इसका स्थायी समाधान होना चाहिए।
‘गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर बीमार हैं। अन्यथा वह काम से दूर नहीं रहते हैं। कांग्रेस इसमें भी मौका देख रही है। यह कांग्रेस की हताशा का स्तर दर्शाता है। इससे मुझे दुख होता है।’
- निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री