गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का निधन (फाइल फोटो)
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लंबे समय से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का रविवार शाम को निधन हो चुका है। 63 वर्ष के परिकर एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे। परिकर की जिंदगी जोश और जज्बे से भरी थी। वह बेहद सरल स्वभाव के नेता रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पूरे समर्पण के साथ जनता की सेवा की। बीमारी के बावजूद उनका जोश के साथ काम करना सभी के लिए प्रेरणादायक रहा।
उनकी की बहादुरी, जोश और जज्बे का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जनवरी में बीमारी की हालत में उन्होंने विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया था। इस दौरान उनकी नाक में ट्यूब डली हुई थी। इसके अलावा बीमारी की हालत में ही परिकर ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए लोगों से उरी फिल्म का डॉयलाग बोलते हुए पूछा था, ‘हाउज द जोश।’ उनके कहने के बाद फिल्म का यह डॉयलाग सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड हुआ था।
उस दौरान परिकर ने एक सुर में तीन बार ‘हाउज द जोश’ बोला और कहा, ‘मैं अपना जोश आप लोगों में भरता हूं। यहां बैठकर कुछ बोलना चाहता हूं।’ इसके बाद फिल्म का यह संवाद प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं में खासा लोकप्रिय हो गया।
सर्जिकल स्ट्राइक में थी अहम भूमिका
कश्मीर के उड़ी में 18 सितंबर, 2016 को सैन्य बेस पर पाकिस्तानी आतंकियों के हमले में 19 जवानों की मौत के महज 12 दिन में भारत ने पाक कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी। भारतीय इतिहास में पहली बार की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे उस समय रक्षा मंत्री पद पर मौजूद परिकर की भूमिका को बेहद अहम माना जाता है।
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इससे पहले 4 जून, 2015 को मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादियों के हमला कर सेना के 18 जवानों की जान लेने के बाद म्यांमार सीमा में उग्रवादियों के दो कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इस ऑपरेशन में तकरीबन 100 उग्रवादी मारे गए थे।
गौरतलब है कि मनोहर परिकर ने 14 मार्च 2017 को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले वह मोदी सरकार में रक्षा मंत्री रहे। वह चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे।