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वकीलों पर हमले पर सात साल जेल की सजा: गोवा विधानसभा में पारित विधेयक में क्या-क्या, जेल के नियम भी कड़े किए

Wed, 02 Sep 2026 01:57 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, पणजी

सार

गोवा विधानसभा में वकीलों पर हमले के खिलाफ एक विधेयक पारित किया गया है। इस विधेयक में वकीलों पर हमले पर सात साल की जेल और एक लाख रुपये के जुर्माने के प्रावधान है। 
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गोवा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोवा विधानसभा ने ड्यूटी पर मौजूद वकीलों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला एक बिल पास किया है। इसमें दोषी को सात साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। मंगलवार को सदन में पेश किए गए 'गोवा एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल, 2026' में धमकी का सामना कर रहे वकीलों को पुलिस सुरक्षा देने का प्रावधान है। साथ ही, इस विधेयक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
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वकीलों को मिलेगी सुरक्षा
वकीलों के अपने पेशेवर काम के दौरान हिंसा, धमकी, उत्पीड़न, झूठे मामलों में फंसाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही थीं। बिल के अनुसार, ऐसी हरकतें कानूनी पेशे की आजादी और निडर होकर काम करने की क्षमता पर असर डाल सकती हैं और आखिरकार मुकदमा लड़ने वालों के कानूनी प्रतिनिधित्व और न्याय पाने के अधिकार को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस विधेयक के तहत अपराध को संज्ञेय बनाया गया है, जिसमें पुलिस आरोपी को बिना वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती है। 

प्रस्तावित कानून के तहत, वकील पर हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने पर दो साल तक की जेल और 55,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने पर सात साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वकील को आपराधिक धमकी देने या परेशान करने पर दो साल तक की जेल और 25,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अगर धमकी में मौत, गंभीर चोट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बात शामिल हो, तो जेल की सजा सात साल तक बढ़ सकती है।
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विधेयक में ये प्रावधान भी
  • शिकायत केवल डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद से नीचे के अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही दर्ज की जा सकती है। बिल के अनुसार, यह जांच सात दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। 
  • अगर मामला दर्ज किया जाता है, तो बार काउंसिल और उस वकील के एसोसिएशन को सूचित करना होगा जिसका वह वकील सदस्य है। इस बिल में वकील की संपत्ति को हुए नुकसान या क्षति के लिए मुआवजा और कोर्ट द्वारा तय किए गए मेडिकल खर्च की भरपाई का भी प्रावधान है।
  • साथ ही, कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं। अगर कोई वकील इसके प्रावधानों का गलत इस्तेमाल करता है या झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत करता है, तो उसे एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • यह कानून धमकी का सामना कर रहे वकील को पुलिस सुरक्षा देने का भी प्रावधान करता है। यह सुरक्षा सेशन कोर्ट से मांगी जा सकती है, और डीएसपी से नीचे के रैंक का कोई अधिकारी सुरक्षा देने वाली कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना सुरक्षा को वापस नहीं ले सकता, कम नहीं कर सकता या बंद नहीं कर सकता।
  • यह बिल उस तारीख से लागू होगा जिसकी घोषणा सरकार आधिकारिक गजट में करेगी।

जेल के नियम कड़े किए, फोन रखने पर 3 साल की जेल
  • गोवा विधानसभा ने एक बिल पास किया है जिसके तहत जेल के अंदर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट रखना गैर-जमानती अपराध होगा, जिसमें तीन साल तक की जेल और 25,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए 'गोवा प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज बिल, 2026' के अनुसार, इस अपराध की सजा कैदी द्वारा पहले से काटी जा रही सजा पूरी होने के बाद शुरू होगी।
  • प्रस्तावित कानून के अनुसार, संवेदनशील बैरक और सेल में तैनात कर्मचारियों का भी समय-समय पर तबादला किया जाएगा ताकि कैदी-कर्मचारी गठजोड़ और लापरवाही को रोका जा सके।
  • नए कानून के तहत जेल के अंदर मोबाइल फ़ोन और दूसरे प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन डिवाइस रखना या इस्तेमाल करना एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बन गया है।
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