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GMF Finfest: 'सड़कों पर चलिए नहीं, हिस्सेदारी भी खरीदिए', गडकरी बोले- हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा होना जरूरी

Sun, 14 Dec 2025 04:56 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई में एएएफएम इंडिया और अमर उजाला बोनस की ओर से आयोजित जीएमएफ फिनफेस्ट में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़कें बनाने के लिए बहुत पैसा चाहिए और मैं देश की जनता को इसमें भागीदारी करने का आह्वान करता हूं। एनएचएआई की इस पहल से जनता को सड़कों में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा और देश विकास को गति मिलेगी।
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जीएमएफ फीनफेस्ट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एएएफएम इंडिया और अमर उजाला बोनस की ओर से आयोजित ग्रोथ मल्टीप्लायर फिनफेस्ट (जीएमएफ) को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एनएचएआई ने आम जनता से पैसे लेकर सड़क बनाने के लिए आगामी इनविट में उन्हें 50 फीसद आरक्षण देने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इनविट पर हम 8.05 फीसद की सुनिश्चित ब्याज देंगे। हम हर महीने आपके बैंक खाते में आपका पैसा जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बैंक इतना ब्याज नहीं दे पाएंगे इसलिए मध्यम वर्ग, किसान और नौकरीपेशा लोगों को एनएचएआई के इनविट में निवेश करना चाहिए।
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दिल्ली से देहरादून अब 2 घंटे में
नितिन गडकरी ने जीएमएफ 2025 में कहा कि आप लोगों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली से देहरादून के बीच 36 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड शुरू हो चुका है और बाकी बचा काम अगले 10 से 15 दिन में पूरा होगा। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उद्घाटन के लिए समय मांग रहे हैं। अभी दिल्ली से देहरादून जाने में 9 घंटे का समय लगता है। इस रोड के चालू होने से दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में पहुंच जाएंगे। कानपुर से लखनऊ के बीच अब केवल आधा घंटे में सफर पूरा होगा।
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मोनोपॉली है खतरनाक
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा होना जरूरी है। प्रतिस्पर्धा से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होता है और कीमत कम होने से लोगों को फायदा होता है। मोनोपॉली का क्या खतरा होता है, इसके लिए उन्होंने इशारों में इंडिगो की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि एक एयरलाइंस मालिक से वे मिले। उन्होंने पूछा कि आप क्या चाहते हैं? तो मैंने कहा, मैं चाहता हूं कि एयरपोर्ट के बाहर सूट-बूट में लड़के-लड़किया खड़े हों और एयर टिकट बेच रहे हों। उनके बीच टिकट बेचने को लेकर प्रतिस्पर्धा होगी तो यात्रियों को फायदा होगा।

लॉजिस्टिक लागत घटने से बढ़ेगा निर्यात
गडकरी ने कहा कि देश में कुछ साल पहले लॉजिस्टिक लागत 16% थी। केपीएमजी ने अपने अध्ययन में पाया है कि हमारी लॉजिस्टिक लागत 5.6% घटी है। इसका कारण न केवल अच्छी सड़कें हैं बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ईंधन इसकी मुख्य वजह है। आज हमारी लॉजिस्टिक लागत 9 से 10% के बीच है। आगे इसमें और कमी आएगी जिससे हमारा निर्यात 1.5 गुना बढ़ जाएगा।

निर्यात बढ़ने से आएगी प्रगति...
गडकरी ने कहा कि निर्यात बढ़ने से देश की रोजगार दर बढ़ेगी। जब पूंजी निवेश आता है, तो यह रोज़गार बढ़ाता है। जब रोजगार बढ़ता है, तो प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ती है। और जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है तो क्रय शक्ति बढ़ती है। और जब क्रय शक्ति बढ़ती है, तो प्रगति होती है।
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मक्का से इथेनॉल बनने से किसानों को फायदा
नितिन गडकरी ने कहा कि हमनें मक्का से इथेनॉल बनाने को मंजूरी दी। तो उत्तर प्रदेश और बिहार में मक्के का क्षेत्रफल तीन गुना बढ़ गया। मक्के की कीमत जो बाजार में 1200 रुपए प्रति क्विंटल और एमएसपी 1800 रुपए प्रति क्विंटल थी वो बढ़कर 2800 रुपए प्रति क्विंटल हो गई। पिछले साल यूपी और बिहार के मक्का किसानों की जेब में 45000 करोड़ रुपए आए।

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