एएएफएम इंडिया और अमर उजाला बोनस की खास पेशकश ग्रोथ मल्टीप्लायर फीनफेस्ट (जीएमएफ) 2025 में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. उन्होंने डिजिटल फाइनेंशियल क्रांति पर अपना मुख्य भाषण दिया। इस कार्यक्रम में बीएफएसआई इंडस्ट्री के दिग्गजों ने तमाम विषयों पर रखी अपनी राय रखी। राघव चड्ढा ने कहा कि हम सिर्फ डिजिटल वित्तीय क्रांति में शामिल नहीं हैं बल्कि हमने इसे बनाया है। पिछले महीने भारत ने 231 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन किए। इसका मतलब है कि हर कार्य दिवस पर लगभग 9 करोड़ पहचान सत्यापन हुए। जरा सोचिए। हम विकसित अर्थव्यवस्थाओं की पेमेंट प्रोसेसिंग से भी तेज गति से पहचान सत्यापित करते हैं। यह सिर्फ दक्षता नहीं है। यह इस बात की कल्पना को पूरी तरह से बदल देता है कि शासन, पैमाना और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्या कर सकते हैं।
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रेस में क्यों पिछड़ रहे?
राघव चड्ढा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या टेक्नोलॉजी वास्तव में फाइनेंस का लोकतंत्रीकरण कर सकती है? ई-रुपया दुनिया में हो रहे सबसे महत्वाकांक्षी मौद्रिक प्रयोगों में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारी फिनटेक इंडस्ट्री, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी है। यह सिर्फ बढ़ नहीं रही है. यह अपनी 10,000 कंपनियों और 14 फीसद सीएजीआर के साथ वैश्विक मानकों को आकार दे रही है। हम फिनटेक सेक्टर में सिर्फ अमेरिका और ब्रिटेन से ही पीछे हैं। लेकिन ये उपलब्धियां हमें पूछने पर मजबूर करती हैं कि क्या ये सिर्फ मील के पत्थर हैं या महज संग्रहालय के प्रदर्शन? क्या हमने इंजन तो बना लिया, लेकिन कार रोक दी?
टोकनाइजेशन का महत्व
दुनिया अब क्रिप्टो करेंसी पर बहस नहीं कर रही बल्कि टोकनाइजेशन को लेकर उत्साहित है। बॉन्ड से लेकर क्रेडिट, रियल एस्टेट, कमोडिटीज, यहां तक कि इनवॉइस तक, सब कुछ ब्लॉकचेन पर ले जाया जा रहा है। यदि टोकनाइजेशन भारत के बाहर होता रहा तो हमें 'इंफ्रास्ट्रक्चर उपनिवेशवाद' का जोखिम होगा। भारतीय संपत्ति का कारोबार विदेशी नेटवर्क पर होगा, भारतीय स्वामित्व विदेशी डेटाबेस में दर्ज होगा। पूंजी और संप्रभुता का प्रवाह बाहर की ओर होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्लॉकचेन नवाचार के लिए एक सुरक्षित सैंडबॉक्स, पांच साल की टैक्स न्यूट्रैलिटी और स्पष्ट नियमों की जरूरत है।
टैक्स नीति का दर्द
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि हमारी 30 फीसद फ्लैट टैक्स और 1-2 फीसद टीडीएस वाली टैक्स नीति ने ट्रेडिंग को रातोंरात अव्यवहारिक बना दिया है। वॉल्यूम गिर रहा है, सक्रिय उपयोगकर्ता कम हुए हैं और करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने भारत में टैक्स प्रणाली में और सुधार के लाने का सुझाव दिया। इससे पूर्व एनआईएसएम के डायरेक्टर शशि कृष्णन ने दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर एएएफएम इंडिया के को-फाउंडर दीपक जैन, को-फाउंडर व्यासराय नागपाल, कार्यकारी निदेशक केएस राव, कार्यकारी निदेशक रोमित बरत, सीईओ पुलक भट्टाचार्य और वेल्थ कंपनी के सीएसओ देवाशीष मोहंती, बड़ौदा बीएनबी परिबास के महमूद पाशा मौजूद थे। इस अवसर पर शशि कृष्णन ने कहा कि जिस हिसाब से भारत की इकोनॉमी ग्रोथ कर रही है, उस हिसाब से रिटेल निवेशकों की संख्या काफी कम है। इसलिए हमें फाइनेंशियल इंक्लूजन की नहीं वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की जरूरत है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एंजेय आईटी सॉल्यूशंस लिमेश पारेख ने कहा कि बचत और निवेश को बढ़ावा देने में टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है लेकिन इसका सही और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। इस मौके पर बड़ौदा बीएनपी परिबास के सीनियर फंड मैनेजर जितेन्द्र श्रीराम ने कहा कि एआई ने निवेश की प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया है।
जीएमएफ फीनफेस्ट में बीएफएसआई इंडस्ट्री के दिग्गजों ने रखी अपनी राय। अमर उजाला
समय के साथ बदलते हैं ट्रेंड
एल्फा एआईएफ के सीईओ राजेश सिंगला ने कहा कि समय के साथ निवेश के ट्रेंड बदलते हैं, इसलिए एचएनआई को एसएमई रणनीति अपनानी चाहिए। इसमें जोखिम संतुलित रहता है, ग्रोथ की संभावना ज्यादा होती है और पोर्टफोलियो को नई दिशा मिलती है। उन्होंने निवेशकों को पेनी स्टॉक्स पर नहीं एसएमई शेयरों पर दांव लगाना चाहिए। एक्सिस एएमसी के नेशनल बिजनेस हेड रोहित मट्टू ने कहा कि अगर आप वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं, स्टेबल प्रोडक्ट चुनें। इस निवेश मंथन कार्यक्रम में बड़ौदा बीएनबी परिबास के महमूद पाशा ने कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ाने के लिए हमें जेन-जी और गिग वर्कर्स पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर 360 वन एएमसी के सीईओ राघव अयंगर,शिवालिक फंड के कार्यकारी निदेशक पीयूष कोठारी, आईटीआई म्यूचुअल फंड के सीईओ जतिन्दर पाल सिंह मोतीलाल ओसवाल एएमसी के नेशनल हेड (रिटेल सेल्स) रितेश पाठक,फिनटेक कंपनी डबल टिक के फाउंडर शिवम मित्तल,एक्सिस एमएफ के हेड- इक्विटी व हाइब्रिड एसआईएफ नांदिक मलिक,नेक्सजेन के को-फाउंडर दीपक जैन ने विचार रखे।
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इस कार्यक्रम के टाइटल स्पांसर हैं
एंजेय आईटी सॉल्यूशंस, डायमंड स्पॉन्सर हैं डबल टिक और बड़ौदा बीएनपी पारिबास म्यूचुअल फंड। प्लेटिनम स्पॉन्सर हैं- एक्सिस म्यूचुअल फंड, आईटीआई म्यूचुअल फंड, द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड, आस्क इनवेस्टमेंट मैनेजर्स और अल्फा बी रिच। इस निवेश मंथन में देशभर के म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूर्स शामिल हुए।
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