फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railways: रेलवे में जीएम को तीन महीने के लिए दो जोन का अतिरिक्त प्रभार; नियुक्तियों में देरी की आशंका

Mon, 30 Jun 2025 09:35 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेल मंत्रालय ने दक्षिण तटीय और मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को तीन महीने के लिए पश्चिमी और दक्षिण मध्य जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसे लेकर सेवानिवृत्त महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों ने जीएम पद पर नियुक्तियों में देरी पर चिंता जताई है।
विज्ञापन
रेलवे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेल मंत्रालय ने दक्षिण तटीय और मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को तीन महीने के लिए पश्चिमी और दक्षिण मध्य जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसे लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मंत्रालय समय पर चयन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका है।   इससे नियुक्तियों में देरी की आशंका है। वहीं रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि चयन प्रक्रिया चल रही है। पहले भी ऐसा किया जा चुका है। पश्चिमी और दक्षिण मध्य जोन के जीएम 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 
विज्ञापन


रेल मंत्रालय ने 27 जून को एक आदेश में कहा कि दक्षिण तटीय रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर को दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के पद का अतिरिक्त कार्यभार तीन महीने की अवधि के लिए या किसी नियमित नियुक्ति होने तक, अगले आदेश तक जो भी पहले हो सौंपा जा रहा है। दक्षिण तटीय रेलवे के वर्तमान जीएम अरुण कुमार जैन 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं एक और आदेश में मंत्रालय ने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार मिश्रा का कार्यभार तीन महीने के लिए मध्य रेलवे के महाप्रबंधक धर्मवीर मीना को सौंपा है। क्योंकि मिश्रा भी 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें: CCTV में दिल दहला देने वाली वारदात; दुष्कर्म पीड़िता को दो आरोपी कॉलेज के अंदर घसीटते दिखे
विज्ञापन


नियुक्तियों में देरी हो रही
सेवानिवृत्त महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों ने जीएम पद पर नियुक्तियों में देरी पर चिंता जताई है। एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा, कि दो जीएम की सेवानिवृत्ति तय थी। यह अचानक नहीं हुआ। इससे साफ है कि मंत्रालय ने समय पर चयन प्रक्रिया लागू नहीं की। ऐसा नहीं है कि रेलवे में जीएम बनने के लिए सक्षम वरिष्ठ अधिकारियों की कमी है।

ये भी पढ़ें: 'उनके पैर तोड़ दो', प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी का फरमान वायरल; बाद में दी सफाई, कहा- गलत समझा गया
विज्ञापन


एक अन्य सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेल मंत्रालय ने पर्याप्त तैयारी नहीं की है। दो महाप्रबंधक नियमित सेवानिवृत्ति पर कार्यालय खाली कर रहे हैं और मंत्रालय इस तथ्य से अच्छी तरह वाकिफ था, लेकिन उसने कुछ नहीं किया। कई विशेषज्ञों का कहना है कि जीएम का निर्णय तीन महीने पहले और डीआरएम का निर्णय छह महीने पहले किया जाना चाहिए। उन्हें गहन प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और वर्तमान प्रबंधन की आवश्यकताओं से परिचित होना चाहिए। दोनों ही पद भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि नए जीएम को क्षेत्र के लाभ के लिए निवर्तमान जीएम के साथ काम करने के लिए कम से कम दो से तीन महीने का समय मिलना चाहिए। रिले दौड़ में भी धावक कम से कम 50 मीटर तक दौड़ते हैं, और उसके बाद अगले धावक को बैटन सौंपते हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें