कोरोना वायरस महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया हुआ है। अभी यह संकट खत्म भी नहीं हुआ है कि दुनिया पर एक और संकट मंडराने लगा है। इस साल की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट जारी हो गई है। इसमें दुनिया पर मंडराते खतरे को लेकर आगाह किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया पर कोरोना से भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
दुनिया को हो सकता है अरबों का नुकसान
ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5-10 सालों में भू-राजनीतिक स्थिरता गंभीर रूप से कमजोर हो जाएगी। यदि इस रिपोर्ट की भविष्यवाणी सच साबित होती हैं तो पूरी दुनिया को अरबों रुपयों का नुकसान होगा। इसका मतलब है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बार फिर से खतरे में पड़ जाएगी। इसके अलावा आने वाले समय में वैश्विक महामारी, आर्थिक मंदी, राजनीतिक उथल-पुथल और जलवायु परिवर्तन दुनिया के लिए समस्या बन सकते हैं।
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मानवता के लिए खतरा है जलवायु परिवर्तन
दुनिया ने 2020 में कोरोना महामारी का सामना किया। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि जलवायु संकट कम खतरनाक है। जलवायु से संबंधित मामलों को मानवता के लिए संभावित खतरा माना जाता है। लॉकडाउन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा पर प्रतिबंध की वजह से बेशक कार्बन उत्सर्जन में गिरावट आई है लेकिन इसके बावजूद जलवायु संकट एक चिंताजनक मुद्दा है।
इस तरह से तैयार की जाती है रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही कोरोना के बाद जिंदगी और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी तब कार्बन उत्सर्जन एक बार फिर से बढ़ने लगेगा। इससे जलवायु संकट गहराता चला जाएगा। इस रिपोर्ट को कई समुदायों के 650 से अधिक सदस्यों ने कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है। इसके लिए दुनियाभर से डाटा जुटाया गया है। जलवायु संकट से इतर जंगल में लगने वाली आग, संक्रामक रोग आदि का खतरा दुनिया पर मंडरा रहा है।