ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) की ओर से बुधवार को वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव को लेकर एक वर्चुअल वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव और पीड़ित मरीजों को इस संक्रमण में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
इस वेबिनार में कोरोना, ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस, बच्चों को कोरोना काल में ली जाने वाली सावधानियां, डाइबिटीज के मरीज, किडनी के मरीज, हृदय के मरीज, गर्भवतियों और इम्यूनो सेपरेशन दवा पर आधारित मरीज को किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए इस पर विस्तृत चर्चा की गई।
वेबिनार की अध्यक्षता ग्लोबल हेल्थ अलायंस के निदेशक और यूके में कार्यरत डॉ. राजय नारायण ने की। जीकेसी की ओवरसीज विंग की अध्यक्ष नेहा निरुपम ने वेबिनार का संचालन किया।
सही समय पर सही कदम उठाना जरूरी
डॉ. नारायण ने कोविड के इलाज के लिए अनुसंधान आधारित दवा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नवीनतम शोध और यूरोप और यूके में पालन किए जा रहे दिशानिर्देशों पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक्स, ऑक्सीजन और अस्पताल में प्रवेश के लिए सही समय होना चाहिए।
कौन कब ले सकता है वैक्सीन की खुराक
उन्होंने स्पष्ट किया कि टीकाकरण का समय और सबसे अच्छा परिणाम उन लोगों में देखा गया, जिन्होंने 12 सप्ताह के अंतराल पर टीके लगाए। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों के अनुसार, जो लोग कोविड से संक्रमित हैं, वे ठीक होने के 4-6 सप्ताह बाद वैक्सीन ले सकते हैं।
व्यायाम और योग से मजबूत करें इम्यूनिटी
वहीं, जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) का होना आवश्यक है। इसके लिए व्यायाम एवं योग सबसे उचित उपाय है, नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करने के बाद व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन हो जाता है।