गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) नेता बिमल गुरुंग ने ममता पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने ममता बनर्जी के आदेश पर मेरे घर और ऑफिस में अवैध तरीके से छापा मारा है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरीके के रवैये से लोकतंत्र खतरे में है।
Admin unlawfully attacked my house, our party office in instruction of Mamata Banerjee. Such attack dangerous for democracy: B Gurung, GJM pic.twitter.com/5QkG4ORY6H— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
गुरुंग ने कहा कि हमारी पार्टी के सदस्य और विपक्षी पार्टियां इस क्रूरता पूर्ण रवैये का उत्तर देंगे।
Our party members and opposition parties will reply of that atrocity: Bimal Gurung, GJM. #Darjeeling #Gorkhaland pic.twitter.com/lJN7YqhIRo— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीजेएम पार्टी के सिंगमारी कार्यालय सहित दार्जिलिंग के कई स्थानों पर सेना की तैनाती कर दी गई है। साथ ही बंद का आह्वान किया गया है।
#WestBengal: Army deployment at many locations in Darjeeling including GJM party office at Singamari, amid call for bandh pic.twitter.com/2BWhi8LuU7— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
बताते चलें कि कल पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में पुलिस ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) दल पर शिकंजा कसने की कोशिश की है। पुलिस ने जीजेएम के प्रमुख बिमल गुरुंग के दार्जिलिंग में स्थित ऑफिस पर छापेमारी की है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक पुलिस ने ऑफिस से हथियार और पैसे बरामद किए हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समर्थक इस छापेमारी से इस कदर नाराज हो गए हैं कि वे बेकाबू हो गए हैं और थाने को भी आग के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने जीजेएम के ऑफिस को सील कर दिया है और हालात पर काबू पाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
इससे पहले दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन बंद के दौरान जीजेएम समर्थकों ने कई जगह पुलिस वालों पर पथराव किया था। आंदोलनकारियों ने सरकारी दफ्तरों को बंद कराने का प्रयास किया। उग्र प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बांग्ला भाषा के साथ-साथ अब अलग गोरखालैंड की मांग के समर्थन में जीजेएम ने बंद की अपील की है। अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। सोमवार को कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की घटना को देखते हुए तमाम दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
इस बीच, इलाके की चाय बागान यूनियनों ने भी मंगलवार से दो दिन की हड़ताल बुलाई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। उधर मोर्चा के नेताओं ने पुलिस वालों पर शांतिपूर्ण तरीके से निकली रैली पर बिना किसी उकसावे के लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमारे खिलाफ जितना बल प्रयोग करेगी, अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में आंदोलन उतना ही तेज होगा।
दार्जिलिंग में बिगड़े हालातों के बाद केंद्र ने पश्चिम बंगाल के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठा दिए हैं। गृहमंत्रालय ने ममता सरकार से मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट मांगी है। छापेमारी पर सफाई देते हुए कार्यकर्ता बिनय तमांग ने कहा था कि पुलिस अधिकारियों ने उनके पुराने उपकरणों को हथियारों की तरह पेश किया है। बिनय ने कहा कि इसी वजह से वे गोरखलैंड, अधिकार, संस्कृति के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।