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जेल में कैदी के गर्भवती होने का मामला, डीआईजी की जांच से पहले ही हुआ प्रसव

Tue, 12 Jul 2016 06:15 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जौनपुर

सार

  • महिला अस्पताल में आपरेशन से पैदा हुआ बच्चा
  • चिकित्सकों ने दोनों को बताया स्वस्थ
  • डीआईजी ने महिला बंदीरक्षकों, डाक्टर और महिला बंदियों का लिया बयान 
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विस्तार
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डीआईजी जेल सोमवार को यूपी के जौनपुर जिला जेल में बंद युवती के गर्भवती होने के मामले की जांच के लिए पहुंच पाते उससे पहले ही जेल प्रशासन ने जिला महिला अस्पताल में युवती की डिलेवरी करा दी। आपरेशन करने वाली डाक्टर जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ बता रही हैं। उधर, मामले के सामने आने के बाद जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैत्रेय छुट्टी पर चले गए हैं। उनके दो दिन बाद लौटने की बात कही जा रही है।  
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हत्या के मामले में आठ माह से जिला कारागार में बंद एक युवती के गर्भवती होने के मामले को अमर उजाला ने उठाया और इसे संज्ञान में लेते हुए कारागार मंत्री ने मामले में जांच रिपोर्ट तीन दिन के अंदर मांग ली तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

सोमवार को डीआईजी जेल संतोष श्रीवास्तव के आने की भनक मिलते ही जेल प्रशासन ने युवती को एंबुलेंस से ले जाकर महिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया और दोपहर 12:25 बजे उसका आपरेशन कर बच्चा पैदा करा दिया गया। आपरेशन करने वाली डा. सुनीता गुप्ता का कहना है कि बच्चा समय पर पैदा हुआ है। लेकिन गर्भ कितने दिन का था इस सवाल को वह टाल गईं। जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैत्रेय के छुट्टी पर चले जाने की वजह से यहां काम नैनी जेल से आए जेलर देख रहे हैं।
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आठ महिने पहले ही जेल आई थी युवती

गर्भवती - फोटो : डेमो पिक
जिला महिला अस्पताल की अधीक्षक लिली श्रीवास्तव  ने बताया कि जेल कर्मियों ने युवती को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया। जरूरी लगने पर दोपहर में आपरेशन से बच्चा पैदा कराया गया। बच्चा तकरीबन तीन किलो का है। 

मामले की जांच की जा रही है। रिकार्ड खंगाले गए हैं। महिला बंदीरक्षकों, डाक्टर और महिला बंदियों का बयान दर्ज कर लिया गया है। युवती का बयान मंगलवार को लेने का प्रयास किया जाएगा। 
संतोष श्रीवास्तव, डीआईजी जेल, इलाहाबाद

डीआईजी को जांच पूरी करने तक वहीं कैंप करने को कहा गया है। निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गोपाल लाल मीणा, एडीजी जेल, लखनऊ
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