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तमिलनाडु को तोहफा: किसानों के केस होंगे वापस, आरएसी मिलेगी डिजिटल; सीएम विजय ने कौन से लिए चार बड़े फैसले?

सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े एलान किए। इसमें पेयजल परियोजनाओं, किसानों-शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने जैसी घोषणा शामिल है।  आईए जानते हैं कि तमिलनाडु सरकार ने चार कौन से फैसले लिए हैं। 
 
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जोसेफ विजय, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य विधानसभा में कई घोषणा की। इनमें 4,800 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल परियोजनाएं और अपनी आजीविका, अधिकारों और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है।

नियम 110 के तहत घोषणाएं करते हुए विजय ने कहा कि इन फैसलों का मकसद जन-कल्याण को मजबूत करना, जरूरी सेवाओं में सुधार करना और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है।

क्या है पेयजल कार्यक्रम? 

  • उत्तरी चेन्नई, अवाडी, पोन्नेरी और मिंजुर की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिंजुर में 400 MLD का डिसेलिनेशन प्लांट (खारे पानी को मीठा बनाने वाला प्लांट) लगाएगी।
  • अवाडी नगर निगम में सभी घरों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ रुपये की एक नई योजना भी लागू की जाएगी।
  • मदुरै और कुड्डालोर नगर निगमों, नौ नगरपालिकाओं और 20 टाउन पंचायतों में पीने के पानी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
  • पीने के पानी की 33 पुरानी संयुक्त योजनाओं के नवीनीकरण के पहले चरण के लिए 300 करोड़ रुपये और तय किए गए हैं।
  • चेन्नई के किलपॉक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए 410 करोड़ रुपये की एक परियोजना भी लागू की जाएगी।

किसानों के लिए क्या फैसला लिया? 

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विजय ने मई 2021 और अप्रैल 2026 के बीच अपनी आजीविका, अधिकारों और जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की भी घोषणा की। सरकार ने कहा कि यह फैसला मानवीय आधार पर और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उन्होंने तिरुवन्नामलाई जिले में सिपकॉट इंडस्ट्रियल एस्टेट का विरोध कर रहे किसानों पर दर्ज मामलों का जिक्र किया, जिनमें कुछ मामलों में किसानों पर 'गुंडा एक्ट' के तहत कार्रवाई की गई थी। विजय ने परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन का भी ज़िक्र किया, जहां उन्होंने खेती की जमीन, जल स्रोतों और आजीविका के नुकसान को लेकर चिंता जताई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'वे सभी मामले भी वापस ले लिए जाएंगे। इस कदम से लोकतांत्रिक अधिकार और मजबूत होंगे और आम लोगों व सरकार के बीच भरोसा बढ़ेगा।'



क्या है वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना? 
एक और घोषणा में, मुख्यमंत्री विजय ने तिरुनेलवेली और सलेम नगर निगमों में 'वेस्ट-टू-एनर्जी' (कचरे से ऊर्जा बनाने वाले) प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया।

  • तिरुनेलवेली प्रोजेक्ट 256 करोड़ रुपये की लागत से 9 एमडब्लू बिजली पैदा करेगा।
  •  जबकि सलेम प्रोजेक्ट 291 करोड़ रुपये की लागत से 10 एमडब्लू बिजली पैदा करेगा।
  • इस तरह कुल निवेश 547 करोड़ रुपये हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के डिजिटलीकरण की भी घोषणा की। नई खरीदी गई गाड़ियों के लिए डिजिटल आरसी 15 सितंबर, 2026 से पूरे राज्य में उपलब्ध होंगे, जबकि ड्राइविंग टेस्ट पास करने वालों को उसी तारीख से उसी दिन डिजिटल लाइसेंस मिल जाएंगे।

  • डिजिटल डॉक्यूमेंट्स में इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड होंगे। 
  •  खोने या खराब होने पर उन्हें दोबारा डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकेगा।
  • ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाओं को भी धीरे-धीरे 'एनीवेयर रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग' के दायरे में लाया जाएगा।

इस बीच, विधानसभा में ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सफाई कर्मचारियों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर चर्चा हुई। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने रिपन बिल्डिंग्स में 15 दिनों से विरोध कर रहे 2,000 से ज्यादा कर्मचारियों का मुद्दा उठाया। ये कर्मचारी पक्की नौकरी, वेतन में बढ़ोतरी, ईएसआई और पीएफ बेनिफिट्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने की मांग कर रहे थे। मंत्री राजमोहन ने कहा कि सरकार आपसी सहमति से समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है और कुछ फाइलें तैयार हैं। 

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