कर्नाटक में येदियुरप्पा द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस खेमे में चिंता बढ़ गई है क्योंकि उसका अपने एक विधायक आनंद सिंह के साथ अबतक संपर्क नहीं हो पाया है। इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने दावा किया है कि उन्हें मालूम है कि विधायक को किस मंत्री ने फोन किया था। उन्होंने कहा, "हमें यह मालूम है कि किस केंद्रीय मंत्री के द्वारा उनको फोन किया गया, बुलाया गया और बाद में पकड़कर भी रखा।
सरकार की बागडोर भाजपा के हाथों में आने के बाद ही ईगलटन रिसॉर्ट के बाहर से सुरक्षा बल हटा लिए गए थे। यह वही रिसॉर्ट है जहां कांग्रेस और जेडीएस के अधिकतर विधायकों को ठहराया गया था। कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह ना तो ईगलटन रिसॉर्ट पहुंचे और ना ही वह कांग्रेस या जेडीएस नेताओं के संपर्क में ही हैं। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के माध्यम से आनंद सिंह पर भाजपा का समर्थन करने का दबाव बना रही है।
बता दें कि कांग्रेस और जेडीएस की संयुक्त याचिका पर
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार शाम चार बजे विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए अब 14 दिनों का समय नहीं मिलेगा। हालांकि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने बहुमत साबित करने का दावा किया है।