गजल सम्राट गुलाम अली के संकटमोचन मंदिर संगीत समारोह में शामिल होने का मामला न्यायालय पहुंच गया है। इस संबंध में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नम्रता सिंह की अदालत में शिवपुर निवासी अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार को परिवाद दाखिल किया है।
इस संबंध में अधिवक्ता का बयान दर्ज करने के लिए एक मई की तिथि नियत की गई है। परिवाद में महंत विश्वंभरनाथ मिश्र, संगीत समारोह के आयोजक व संचालक मंडल और संकटमोचन फाउंडेशन से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है।
अधिवक्ता के अनुसार महंत विश्वंभरनाथ मिश्र ने प्रचार-प्रसार, आर्थिक व राजनीतिक लाभ के लिए मनोरंजन का केंद्र बनाकर धार्मिक भावना आहत की। मूर्ति पूजक नहीं होने वाले पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली को हनुमान जी की मूर्ति सार्वजनिक रूप से दी गई।
संकटमोचन फाउंडेशन गंगा स्वच्छता तक सीमित है इसके बावजूद हिंदुओं की आस्था के केंद्र में गुलाम अली को बुलाकर धार्मिक भावना आहत करने की कोशिश की गई। अधिवक्ता ने न्यायालय से आरोपियों को तलब कर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडित करने की मांग की है।