वाराणसी से कोलकाता तक गंगा में जल परिवहन की व्यवस्था सुदृढ़ बनाई जाएगी। इसके लिए गाजीपुर में मिनी बंदरगाह बनाया जाएगा। रविवार को भाजपा के टैक्सी स्टैंड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय संचार एवं रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय जल परिवहन मंत्रालय अफीम कारखाने के पास मिनी बंदरगाह का निर्माण कराएगा। इसका प्रस्ताव रिवर लिंकिंग प्रोग्राम के तहत मंजूर हुआ है। उन्होंने बताया कि मिनी बंदरगाह के निर्माण पर 131 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस बंदरगाह का व्यवसायिक लाभ गाजीपुर को भी मिलेगा।
व्यवसायियों को वाराणसी, कोलकाता से माल मंगाने या भेजने की सुविधा मिलेगी। दूरसंचार व्यवस्था के संबंध में बताया कि गाजीपुर शहर में बीएसएनएल के नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए नए जेनरेशन के उपकरण आ चुके हैं। गाजीपुर के सभी ब्लाकों की ग्राम पंचायतों को इस वर्ष के आखिर तक ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विकास दर दस प्रतिशत तक पहुंचाई जाए। जीएसटी लागू होने से विकास दर में वृद्धि अपेक्षित है। कहा कि बाढ़ से रबी की फसल कुछ क्षेत्रों में प्रभावित हुई है, लेकिन उम्मीद है कि पैदावार में कोई कमी नहीं आएगी।
केंद्र सरकार पूर्ववर्ती सरकार बुनियादी ढांचे पर 48 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही थी, लेकिन मोदी सरकार पहले वर्ष ही इस मद को एक लाख करोड़ रुपये तक ले गई। इस वर्ष यह सवा लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने की तैयारी है। सड़क निर्माण का बजट दो गुना हो गया है। इसी तरह जल परिवहन के बजट में भी ढ़ाई गुना वृद्धि हुई है।