उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रतीकों को अपनाने में जुटी मोदी सरकार और भाजपा की निगाहें अब संत कबीर पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत रुचि दिखाने के बाद संस्कृति मंत्रालय ने आनन फानन में संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में 80 करोड़ रुपये की लागत से भव्य स्मारक बनाने की योजना बनाई है। इसी क्रम में वाराणसी स्थित कबीर चौराहा को भी नया और भव्य रूप देने की योजना है।
इस आशय की घोषणा न सिर्फ जल्द होगी, बल्कि स्मारक निर्माण का कार्य भी राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा राज्य के 11वीं सदी के राजा सुहैल देव की विरासत पर सियासी दावा जताने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है।
राज्य में पासी और भर समाज में सुहैल देव की गहरी पैठ रही है। बीते मानसून सत्र में जब संत कबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी ने संत कबीर की याद में स्मारक बनाने संबंधी सवाल पूछा तो मंत्रालय ने कहा था कि इस आशय की कोई योजना नहीं है।