मुंबई से सटे नालासोपारा में विस्फोटकों की बरामदगी मामले में महाराष्ट्र एटीएस द्वारा अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें एक व्यक्ति अविनाश अनंत पवार (30) उर्फ अजीत दादा को एटीएस ने शुक्रवार रात मुंबई के घाटकोपर से गिरफ्तार किया था। पवार मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में पाइप-फिटर का काम करता है।
बता दें कि यह कंपनी भारतीय नौसेना के लिए जहाजों और प्रमुख पनडुब्बियों का निर्माण करती है। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक पवार भी उन विस्फोटकों की बरामदगी मामले में शामिल है, जिसका इस्तेमाल राज्य में कई जगहों पर धमाकों में किया जाना था।
इस बीच घाटकोपर में पवार के पड़ोसी उसके समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि पवार सिर्फ एक 'सामाजिक कार्यकर्ता' है, उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि पवार ने अपने घर को भी बंद कर दिया था, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
गौरतलब है कि एटीएस ने वैभव राउत नाम के एक आरोपी के घर से 20 देसी बम, दो जिलेटिन स्टिक्स, चार इलेक्ट्रॉनिक और 22 गैर-इलेक्ट्रॉनिक डिटोनेटर्स, 150 ग्राम विस्फोटक पाउडर और कुछ अन्य सामग्रियों को बरामद किया था। साथ ही मामले में वैभव राउत, सुधन्वा गोंधलेकर, शरद कालस्कर और श्रीकांत पांगरकर को गिरफ्तार किया गया था।
एटीएस के एक अधिकारी के मुताबिक, अविनाश पवार का नाम इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान ही सामने आया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पवार को 31 अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।