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'घोड़ों की रेस में गधों को दौड़ा रहे': राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का तंज, जानें और क्या बोले?

Mon, 27 Mar 2023 02:36 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'कांग्रेस और विपक्षी दलों को मेलोड्रामा छोड़ कर आपस में आत्म मंथन करना चाहिए कि आखिर कानून व्यवस्था और राजनीति में क्या चलता है और क्या नहीं चलता है।'
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राहुल गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने मीडिया द्वारा राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर तंज कसते हुएए कहा कि घोड़ों के रेस में गधों को दौड़ाया जा रहा है। पुरी ने वीर सावरकर को लेकर की गई राहुल के टिप्पणी पर भी पलटवार किया। 
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हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा? 
दरअसल, राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने मानहानि के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई है। इसके बाद उनकी संसद सदस्यता भी चली गई। इसको लेकर देशभर में विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी विरोध प्रदर्शन को लेकर मीडिया ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से सवाल पूछा। जिसपर उन्होंने कहा, 'आपको घोड़े की दौड़ चलाने के लिए एक गधा मिल रहा है, वे वास्तव में कुछ गंभीर आत्मनिरीक्षण करने के लायक हैं।' 

पुरी ने आगे कहा, 'देश के लोगों को निर्णय करने दो... कोर्ट ने सजा सुनाई है तो न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखें।'  

प्रियंका पर भी साधा निशाना 
भगवान राम को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के दिए बयान पर भी पुरी ने पलटवार किया। कहा, 'कहां भगवान राम और कहां ये (कांग्रेस) लोग।' इससे पहले इन्होंने कहा था कि मैं सावरकर नहीं हूं मैं माफी नहीं मांगूगा। क्या इन्हें वीर सावरकर जैसे लोगों का योगदान पता है? यह घोड़ों की रेस में गधे को देखने जैसा है। उन्होंने कहा, भारत के लोगों को निर्णय करने दो। कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई है, तो वह न्यायिक प्रक्रिया से ही अपनी बात रखें।
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हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'कांग्रेस और विपक्षी दलों को मेलोड्रामा छोड़ करके आपस में आत्म मंथन करना चाहिए कि आखिर कानून व्यवस्था और राजनीति में क्या चलता है और क्या नहीं चलता है।' उन्होंने कहा, उनका फैसला एक दिन जनता जरूर करेगी। अभी उनको कोर्ट ने प्रक्रिया का पालन करते हुए सजा दी है, इसलिए उनको कानून और संविधान का सम्मान किया जाना चाहिए। 
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