देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के उन बहादुर जवानों के लिए खुशखबरी है, जो इस वक्त नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। बल के डीजी कुलदीप सिंह ने जवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए एक नई शुरुआत की है। अगर कोई जवान, बड़े ईनाम वाले या टॉप नक्सली को किसी ऑपरेशन में मारता है तो उसे आउट ऑफ टर्न तरक्की दी जाएगी। इसके साथ ही कैश रिवार्ड व बहादुरी का मेडल भी मिलेगा। इतना ही नहीं, उस जवान को मनचाही पोस्टिंग भी दी जाएगी।
बता दें कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ की 80 से ज्यादा बटालियन तैनात हैं। वहां पर सीआरपीएफ और कोबरा इकाई मिलकर नक्सलियों की मांद में घुसती हैं। नक्सलियों के इलाके में नए कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि उनकी कमर तोड़ी जा सके। पहली जनवरी से लेकर अभी तक इन इलाकों में सीआरपीएफ ने लोकल पुलिस के साथ मिलकर छह नक्सलियों को मार गिराया है। इसके अलावा सीआरपीएफ की कोबरा इकाई के इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से 183 नक्सली पकड़े गए हैं। इसके साथ ही 204 नक्सलियों ने सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
सीआरपीएफ मुख्यालय के एक बड़े अधिकारी ने बुधवार को बताया कि डीजी कुलदीप सिंह ने जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए ये आदेश जारी किए हैं। वहां पर होने वाले ऑपरेशनों में अगर कोई जवान किसी टॉप नक्सली को मारता है या उसे पकड़ने में सफलता हासिल करता है तो उसे विशेष इनाम दिया जाएगा। इसमें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी शामिल है। साथ ही वीरता के लिए पदक भी मिलेगा। अगर किसी जवान की उस इलाके में तैनाती को कुछ महीने या एक दो साल हुए हैं और उसने किसी बड़े नक्सली को मारा है या किसी ऑपरेशन में असीम बहादुरी का परिचय दिया है तो उसे मनचाही पोस्टिंग मिलेगी। वह जहां भी कहेगा, उसी वहीं पर तैनात कर दिया जाएगा। अमूमन ऐसे क्षेत्रों में जवान की तैनाती कम से कम तीन चार साल के लिए होती है।