भारत में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेकाबू होती कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने के लिए दुनियाभर के देश भी अब भारत की मदद करने में जुट गए हैं। देश में ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए जर्मनी ने ऑक्सीजन प्लांट भारत भेज दिया है।
इस मेगा मोबाइल ऑक्सीजन जनरेशन एंड फिलिंग प्लांट से रोज चार लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। जर्मन दूतावास के अनुसार, भारत कोविड 19 की लड़ाई लड़ रहा है। दूसरी लहर के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इस बीच भारत और उसके नागरिकों की मदद के लिए दुनियाभर के देश आगे आ रहे है।
हर विषम स्थिति में साथ निभाने के अपने वादे को ध्यान में रखते हुए यूरोपियन यूनियन, जर्मनी और जर्मन फेडरल राज्य भारत की इस आपात स्थिति में मदद के लिए आगे आए हैं। भारत और जर्मनी के बीच गहरी दोस्ती हैं। जर्मनी इस कठिन दौर में भारत के साथ खड़ा है। इसके चलते जर्मनी भारत को ऑक्सीजन प्लांट के साथ कई स्वास्थ्य उपकरण मुहैया करवा रहा है।
दूतावास के मुताबिक, जर्मनी से आए ऑक्सीजन प्लांट को दिल्ली के सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड अस्पताल कैंट में लगाया जा रहा है। यह भारत में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में काफी सहायक होगा। इसको प्लांट को इंस्टाल करने में महज दो दिन लगेंगे। इस प्लांट के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी भरा जा सकेगा।
प्लांट इंस्टालेशन के लिए 13 जर्मन पैरामेडिकल स्टाॅफ भी आया है, जो इसकी देखभाल करेगा। बाद में जब प्लांट पूरी तरह से काम करने लगेगा तो इसको रेडक्रॉस सोसाइटी को सौंप दिया जाएगा। जर्मन से आया स्टाफ इस प्लांट के मैनेजमेंट को लेकर में भारतीय रक्षा कर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगा।
गौरतलब है कि, यूरोपीय यूनियन इमरजेंसी रिलीफ मैकेनिज्म (यूसीपीएम) के जरिए जर्मनी 55,000 रेमेडिसविर्स का योगदान दे रहा है। जर्मन वायु सेना ने पहले ही 1 मई को एक विशेष उड़ान के जरिए वेंटिलेटर और स्वास्थ्य उपकरण भारत भेज चुका है।