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अमर उजाला विशेष: डेनमार्क-कनाडा से 12, नीदरलैंड से 10 फीसदी अधिक लैब भारत में, फिर भी जीनोम सीक्वेसिंग कम

Sat, 26 Jun 2021 06:08 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

  • भारत में कुल कोरोना जांच की तुलना में अभी तक केवल 0.0939 फीसदी की हुई सीक्वेसिंग
  • भारत में औसतन 63 दिन में एक सैंपल की पूरी हो रही जीनोम सीक्वेंसिंग
  • दुनिया के बाकी देशों की तुलना में जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर देने में भारत 13वें स्थान पर
  • देश में फैल रहे कोरोना के अलग अलग म्यूटेशन के बाद जीनोम सीक्वेसिंग बढ़ाने की सलाह
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Corona testing - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना वायरस में बार-बार म्यूटेशन होने के चलते जहां गंभीर वैरिएंट पूरी दुनिया में फैलने लगे हैं। वहीं इसके चलते म्यूटेशन की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की जरूरत भी अहम हो चुकी है। भारत ने अब तक 45 हजार सैंपल की सीक्वेंसिंग पूरी की है। जबकि कोरोना वायरस की जांच 39 करोड़ से अधिक हो चुकी हैं।

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विशेषज्ञ देश में जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं लेकिन डेनमार्क और कनाडा से 12, नीदरलेंड की तुलना में 10 फीसदी अधिक लैब होने के बावजूद भारत में जीनोम सीक्वेंसिंग पर्याप्त नहीं हो रही है। एक सैंपल की सीक्वेंसिंग में औसतन 63 दिन लग रहे हैं। भारत में 28 लैब में सीक्वेंसिंग चल रही है। जबकि डेनमार्क और कनाडा में 25-25 और नीदरलैंड में 26 लैब में जांच हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीआईएसआईडी के अनुसार भारत से अब तक केवल 28 हजार सीक्वेंसिंग की जानकारी मुहैया कराई गई है। दुनिया के बाकी देशों की तुलना में जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर भारत का 13वां स्थान है। यह हाल तब है जब देश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 30,082,778 हो चुकी है। वहीं 3,91,981 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है।
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दुनिया में सर्वाधिक अमेरिका में 33,243,529 मामले सामने आए हैं और 597,372 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। बावजूद इसके अमेरिका में अभी तक 569,252 (1.71 फीसदी) सैंपल की सीक्वेंसिंग पूरी हुई है लेकिन भारत में 28,243 (0.0939 फीसदी) सैंपल की ही जीनोम सीक्वेंसिंग की गई है।

राज्य सरकारें नहीं कर रहीं निर्देशों का पालन
दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा था कि कम से कम पांच फीसदी सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजना अनिवार्य है। साथ ही विदेशों से आने वाले सभी 100 फीसदी यात्रियों के सैंपल की जीनोम सीक्वेसिंग होगी लेकिन इन दिशा-निर्देशों पर राज्य सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। स्थिति यह रही कि इस साल जनवरी से 18 मार्च के बीच केवल 7,664 सैंपल की सीक्वेंसिंग की गई थी जोकि कुल संक्रमित मरीजों की तुलना में एक फीसदी से भी कम था।

चार महीने तक नहीं मिला वैज्ञानिकों को बजट
जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) से जुड़े एक वैज्ञानिक ने बताया कि दिसंबर 2020 के बाद से मार्च तक जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ावा इसलिए भी नहीं मिला क्योंकि केंद्र सरकार से 90 करोड़ रुपये से अधिक की मांग के बावजूद फंड नहीं मिला।

वैज्ञानिक ने दावा किया कि संस्थानों को उस समय सीक्वेंसिंग के लिए अन्य स्रोतों और अनुदानों से खर्च निकालना पड़ा था। जबकि इन 10 लैब की क्षमता 30 हजार से ज्यादा सीक्वेंसिंग की है।

अकेले नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी एक महीने में 10 हजार सीक्वेंसिंग कर सकती थी लेकिन 18 मार्च तक आईजीआईबी में केवल 1586 सीक्वेंसिंग हो पाई। हालांकि बजट मिलने के बाद असर देखिए कि अप्रैल से जून के बीच दो महीने में 40 हजार सैंपल की सीक्वेंसिंग हो पाई।

इन कमियों की वजह से भी असर
हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के पूर्व निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाने के लिए राज्य सरकारों की इच्छा, सैंपल को लैब तक भेजने के सुरक्षित इंतजाम, लैब की क्षेत्रीय स्तर पर संख्या बढ़ाना और लॉजिस्टिक पर जोर देना जरूरी है।

एक पॉजीटिव सैंपल को तीन से चार के दिन भीतर लैब तक पहुंचाने के बाद -80 डिग्री सेल्सियस पर उसे रखा जाता है और फिर वायरस का कल्चर करना पड़ता है। यह कार्य बीएसएल-3 स्तर की लैब में हो सकता है।

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जीनोम सिक्वेसिंग वाले दुनिया के शीर्ष 13 देश

देश                       सीक्वेंसिंग          मामले                 मौत        सीक्वेसिंग फीसदी में      प्रति सीक्वेंसिंग अवधि
अमेरिका                 569,252      33,243,529         597,372                1.71                           27
यूके                       477,981      4,667,874          128,0271                  0.2                            15
जर्मनी                   134,456       3,724,806           90,616                     3.61                         18
डेनमार्क                   111,302      292,179              2,5313                      8.1                           23
स्वीडन                      68,550      1,088,518           14,616                      6.3                           45
कनाडा                      49,485       1,410,206           26,155                      3.51                         93
जापान                      49,358        789,440            14,553                      6.25                          63
फ्रांस                         45,542        5,653,613          109,957                    0.806                       22
स्विट्जरलैंड               44,937          699,155            10,273                    6.43                         21
नीदरलैंड                     40,117         1,680,880         17,734                    2.39                        21
स्पेन                           35,247         3,773,032         80,748                   0.934                       41
इटली                          33,070          4,255,434          127,352                0.777                      20
भारत                         28,243            30,082,778        391,981              0.0939                    62
 (सभी आंकड़ें जीआईएसआईडी के अनुसार)
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