सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। चीन और पाकिस्तान मामलों के विशेषज्ञ सुब्रमणि की नियुक्ति में वरिष्ठता के बजाय उनके युद्धक अनुभव और रणनीतिक कौशल को प्राथमिकता दी गई है। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती भारतीय सेनाओं का 'थिएटरीकरण' यानी संयुक्त थिएटर कमान को लागू करना होगा। इसके साथ ही वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नया नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है।
सीडीएस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि की नियुक्ति यह स्पष्ट करती है कि फिलहाल सरकार का प्राथमिक ध्यान चीन और उसके सहयोगी पाकिस्तान से सटी थल सीमाओं पर मिलने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त जनरल सुब्रमणि के पास डोकलाम संकट के दौरान सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, असम व पंजाब जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सेना की कमान संभालने का व्यापक अनुभव है।
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वे सेना की सेंट्रल कमांड के कमांडर और उप सेना प्रमुख भी रह चुके हैं। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि के चयन में वरिष्ठता के ऊपर योग्यता के सिद्धांत को तरजीह दी गई है। सुब्रमणि मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से एक साल जूनियर हैं। सीडीएस के चयन में सरकार ने अनुभव के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को आधार बनाया है।
थिएटरीकरण बड़ी चुनौती
जनरल सुब्रमणि के सामने सबसे बड़ी चुनौती संयुक्त थिएटर कमान का कार्यान्वयन होगा। मौजूदा सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में थिएटरीकरण का खाका रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपा है। खास यह भी है कि सरकार ने लगातार तीसरा सीडीएस थल सेना से ही चुना है। जबकि दो सीडीएस थल सेना से चुनने के बाद वायुसेना और नौसेना से सीडीएस चुने जाने की संभावना भी जताई जा रही थी। हालांकि, जब तक थिएटर कमान को अमलीजामा नहीं पहना लिया जाता, तब तक सीडीएस पद पर थल सेना का ही दबदबा रहने की संभावना है। नौसेना और वायुसेना को इस पद के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
कौन हैं नए सीडीएस?
जनरल सुब्रमणि देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के तौर पर मौजूदा जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे, वहीं वर्तमान में पश्चिमी नौसेना कमान का नेतृत्व कर रहे वाइस एडमिरल स्वामीनाथन नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यरत एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी का स्थान लेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि पिछले साल 31 जुलाई को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। वह 30 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पदभार ग्रहण करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अपने 40 वर्षों से अधिक के शानदार कॅरिअर में, लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने संघर्ष और विभिन्न मोर्चों पर सेवा की और कई कमांड व प्रशिक्षण संबंधी पदों पर कार्य किया।