हमें भविष्य के युद्ध में तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा करते हुए बहुत पीछे जाने की जरूरत नहीं है। साल 2020 में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध में ड्रोन का खूब उपयोग हुआ। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भी तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल देखने को मिला है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के पहले दिन एक कार्यक्रम में मौजूद चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ मनोज पांडे ने भविष्य के युद्ध की झलक दिखलाई। इसके साथ ही उन्होंने टेक इंडस्ट्री से अग्निवीरों के लिए भी सामने आने की भी मांग की।
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जनरल मनोज पांडे भविष्य ने युद्ध में तकनीक के इस्तेमाल पर आयोजित एक सेशन में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि बार-बार ये बात पुख्ता तौर पर सामने आई है कि युद्द वही जीतेगा जिसके पास बेहतर तकनीक होगी। उन्होंने कहा कि आज की सुरक्षा तकनीक पर आधारित है।
ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा
तकनीक और युद्ध के मजबूत संबंध का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें भविष्य के युद्ध में तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा करते हुए बहुत पीछे जाने की जरूरत नहीं है। साल 2020 में आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध में ड्रोन का खूब उपयोग हुआ। ड्रोन का ऐसा ही सटीक इस्तेमाल हमास के खिलाफ इस्राइल ने किया है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भी तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल देखने को मिला है।
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अग्निवीरों के लिए आएं आगे
जनरल मनोज पांडे ने न सिर्फ तकनीक पर बात की, बल्कि अग्निवीरों की चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि टेलिकॉम और टेक इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियां 4 साल के बाद अग्निवीरों के पहले बैच से बाहर आए सैनिकों को बेहतर अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के ये अनुशासित युवा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। बता दें कि सरकार ने इस साल सेना में जवानों की भर्ती के लिए अग्निवीर योजना की शुरुआत की है। इसमें सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए की जाएगी। और सिर्फ 25 फीसदी तक ही सैनिकों को आगे के लिए रखा जाएगा।